इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने ला मार्टिनियर कॉलेज की जमीनों पर सड़क/फ्लाईओवर निर्माण मामले में पूर्व में दिए गए अंतरिम आदेश को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने 10 मार्च को हुई सुनवाई के बाद इन जमीनों पर हो रहे निर्माण पर अंतरिम रोक लगाई थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया था कि स्कूल ट्रस्टीज की अनुमति के बिना कोई निर्माण नहीं किया जाएगा। 16 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने एलडीए के एक पत्र का संज्ञान लिया, जिसमें कहा गया था कि नौ पिलर्स का निर्माण प्रगति पर है और आगे का निर्माण ट्रस्टीज की अनुमति से ही किया जाएगा। इसी आधार पर न्यायालय ने अंतरिम रोक बढ़ाने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने मामले के पक्षकारों को अगली सुनवाई पर अपनी-अपनी लिखित बहस और शपथपत्र दाखिल करने के लिए समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने ला मार्टिनियर कॉलेज की ओर से दायर याचिका पर पारित किया। याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि जिस भूमि पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, वह लखनऊ मार्टिन चैरिटीज ट्रस्ट की संपत्ति है। याचिका में कहा गया कि ट्रस्ट के ट्रस्टी भी इस भूमि का हस्तांतरण करने के लिए सक्षम नहीं हैं और बिना अधिग्रहण के किया जा रहा निर्माण पूरी तरह से अवैध है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और एलडीए की ओर से बताया गया कि ट्रस्ट की पिछली बैठक 11 मार्च को प्रिंसिपल द्वारा टाल दिए जाने के कारण नहीं हो सकी थी। उन्होंने यह भी बताया कि अगली बैठक 18 मार्च को होनी है। इस पर न्यायालय ने 18 मार्च 2026 को प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक के परिणाम को रिकॉर्ड पर लाने का भी निर्देश दिया है।


