पाकिस्तान की फिर हुई ‘थू-थू’, महंगाई से पिस रही जनता…सरकारी खजाने से नेता खरीद रहे लग्जरी कार

पाकिस्तान की फिर हुई ‘थू-थू’, महंगाई से पिस रही जनता…सरकारी खजाने से नेता खरीद रहे लग्जरी कार

Pakistan Inflation Crisis: पाकिस्तान में आम जनता की हालत बेहद खराब है। रोजमर्रा की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। लोगों का घर चलाना मुश्किल हो गया है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम में आग लगी हुई है। एक तरफ जनता महंगाई से जूझ रही है, तो दूसरी तरफ सत्ता में बैठे नेताओं की जिंदगी पर इसका कोई असर नजर नहीं आता।

हाल ही में सामने आई जानकारी ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि सीनेट चेयरमैन के लिए सरकारी खजाने से करीब 90 मिलियन पाकिस्तानी रुपये की लग्जरी कार खरीदी गई है। ऐसे समय में जब जनता हर पैसे के लिए संघर्ष कर रही है, यह खबर सवाल खड़े करती है कि आखिर आम आदमी और नेताओं के बीच इतनी बड़ी दूरी क्यों है।

र‍िपोर्ट में खुलासा:

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह लग्जरी कार सीनेट के बजट से खरीदी गई है और अब पाकिस्तान के सीनेट सचिवालय पहुंच चुकी है। जब इस पर सवाल उठे, तो सीनेट चेयरमैन यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि कार पहले ही खरीदी जा चुकी थी। इसका ऑर्डर पिछले साल मई में दिया गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि यह गाड़ी पिछले साल के बजट में बची हुई रकम से खरीदी गई थी। मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए उन्होंने कार वापस करने की कोशिश की, लेकिन तब तक गाड़ी आ चुकी थी।

वहीं जियो न्यूज के अनुसार, सत्ता पक्ष के एक नेता ने अपना नाम न बताने की शर्त रखते हुए इस बात पर अफसोस जताया कि ऐसे राष्ट्रीय हालात में यह खरीद अनावश्यक थी, जहां बढ़ती महंगाई के बीच 70 मिलियन से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से नीचे जी रहे हैं।

108 नई लग्जरी गाड़ियां खरीदने की योजना

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के मुताबिक, पिछले जून में पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने संसद में बताया था कि सीनेट चेयरमैन और नेशनल असेंबली के स्पीकर को हर महीने करीब 2.15 मिलियन पाकिस्तानी रुपये वेतन मिलता है। इस पर रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नाराजगी जताई थी।

वहीं ‘डॉन’ Dawn की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने खबर आई थी कि पंजाब सरकार कैबिनेट के सदस्यों और अधिकारियों के लिए 1.14 बिलियन रुपये की 108 नई लग्जरी गाड़ियां खरीदने की योजना बना रही है।

हालांकि, अभी तक इन गाड़ियों की खरीद को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। ट्रांसपोर्ट विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन कुछ सूत्रों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से इस प्रस्ताव पर मंजूरी का इंतजार हो रहा है।

सूत्रों के अनुसार, 28 नई गाड़ियों के लिए 300 मिलियन रुपये का प्रस्ताव दिया गया था। साथ ही, दो मंत्रियों के लिए 40 मिलियन रुपये की दो बुलेटप्रूफ गाड़ियां पहले ही मंजूर की जा चुकी हैं।

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