‘मुझसे नहीं तो किसी से नहीं…’ प्रेमी ने की शादीशुदा गर्लफ्रेंड की हत्या, किसी और से बात करते देख मारी गोली

‘मुझसे नहीं तो किसी से नहीं…’ प्रेमी ने की शादीशुदा गर्लफ्रेंड की हत्या, किसी और से बात करते देख मारी गोली

हिमाचल प्रदेश से लगभग 1,365 किलोमीटर की दूरी तय करके एक प्रेमी बिहार में अपने गांव सिर्फ अपनी प्रेमिका की हत्या करने के लिए लौटा, क्योंकि उसने उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। 

Bihar News: बिहार पुलिस ने 20 साल की सुशुम कुमारी की हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह हत्या 8 मार्च को सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र में पड़ने वाले कोपड़िया गांव में हुई थी। सुशुम की हत्या किसी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके पिछले छह साल के बॉयफ्रेंड भूपेन कुमार (22) ने की थी। पुलिस की गिरफ्त में आए भूपेन ने जो कबूलनामा दिया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।

सुशुम का खून से लथपथ शव मक्के के खेत में मिला था, जिसके गले पर गोली लगने के निशान थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कुछ ही दिनों के भीतर पुलिस ने आरोपी भूपेन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

6 साल का प्यार

भूपेन और सुशुम पिछले छह सालों से एक-दूसरे के साथ प्रेम संबंध में थे। साल 2024 में सुशुम के पिता ने उसकी शादी सोनबरसा के राकेश कुमार से तय कर दी। भूपेन ने इसका विरोध किया, लेकिन सुशुम अपने परिवार की बात टाल नहीं पाई। शादी के बाद सुशुम अपने ससुराल चली गई, लेकिन उसने भूपेन से संपर्क बनाए रखा। भूपेन काम के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश चला गया, जहां वह पेंटर का काम करने लगा, लेकिन दोनों फोन पर घंटों एक-दूसरे से बातें करते रहते थे।

पति से अनबन और मायके वापसी

शादी के कुछ ही महीनों बाद, सुशुम और उसके पति राकेश के बीच झगड़े शुरू हो गए। सुशुम ने आरोप लगाया कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता था। नतीजतन, अगस्त 2024 में वह हमेशा के लिए अपने मायके कोपड़िया लौट आई। वहां उसने भूपेन के साथ अपने रिश्ते को फिर से शुरू कर दिया। हालांकि, सुशुम के पति राकेश की कहानी कुछ और ही है। राकेश के मुताबिक, सुशुम शादी की पहली रात से ही किसी और (भूपेन) से बातें कर रही थी और वह व्यक्ति उसे हर महीने 20,000 रुपये भेजता था।

1,365 किलोमीटर दूर से लौटा कातिल प्रेमी

पिछले कुछ महीनों से, भूपेन को शक होने लगा था कि सुशुम उसे धोखा दे रही है। उसने देखा कि सुशुम का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और उसने उसे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया था। इस शक की आग में जलते हुए, भूपेन 4 फरवरी को हिमाचल से सहरसा लौट आया। उसने चुपके से सुशुम पर कड़ी नजर रखना शुरू कर दिया।

वो हंसकर किसी और से बात कर रही थी

8 मार्च की दोपहर को, सुशुम अपने घर से निकली और चारा लाने के लिए मक्के के खेत की ओर चल पड़ी। भूपेन एक कट्टा लेकर उसके पीछे-पीछे गया। भूपेन ने पुलिस को बताया कि जब वो खेत में पहुंचा तो उसने देखा कि वह किसी से फोन पर बात कर रही थी, हंस रही थी और प्यार भरी बातें कर रही थी। मैं यह बर्दाश्त नहीं कर सका। मैं उसके पास गया और पूछा, ‘क्या तुम मुझसे शादी करोगी?’ उसने साफ मना कर दिया, यह कहते हुए कि वह अब मेरे साथ नहीं रह सकती। ठीक उसी पल, मैंने अपनी कमर से पिस्तौल निकाली, उसे उसकी गर्दन पर सटाया, और उसे गोली मार दी।

हत्या के बाद गांव में ही रह रहा था भूपेन

हत्या के बाद, भूपेन गांव में सामान्य रूप से ही रहता रहा ताकि किसी को कोई शक न हो। हालांकि, जब पुलिस ने DSP मुकेश कुमार ठाकुर के नेतृत्व में एक तकनीकी जांच (कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा का विश्लेषण) शुरू की, तो सुराग आखिरकार भूपेन तक ही पहुंचा। कड़ी पूछताछ के बाद, उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और जेल भेज दिया है।

  

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