बेगूसराय डीएम श्रीकांत शास्त्री ने कहा है कि जिले में रसोई गैस की कोई समस्या नहीं है। इसलिए लोग पैनिक नहीं हों और बेवजह गैस एजेंसियों पर जाकर भीड़ नहीं लगाएं। बुकिंग के अनुसार गैस उन्हें पहले की तरह घर पर उपलब्ध करवा दिया जाएगा। आज कारगिल भवन में एलपीजी गैस आपूर्ति से संबंधित प्रेसवार्ता में डीएम ने गैस आपूर्ति की स्थिति और प्रशासन की ओर से उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने बताया कि जिले में थिंक गैस पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर गैस आपूर्ति की जा रही है। वर्तमान में कुल 7405 उपभोक्ता थिंक गैस पाइपलाइन से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा तीन प्रमुख गैस कंपनियों की ओर से एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। जिनमें आईओसीएल (IOCL) की 40 एजेंसियां, बीपीसीएल (BPCL) की 16 एजेंसियां और एचपीसीएल (HPCL) की 12 एजेंसियां कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न मीडिया माध्यमों से गैस आपूर्ति में संभावित समस्या की जानकारी हासिल होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान अवैध रूप से गैस सिलिंडर की जमाखोरी कर बिक्री करने वाले एक व्यक्ति के घर छापेमारी कर गैस सिलिंडर जब्त किया गया और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। गैस सिलिंडर की बुकिंग में वृद्धि दिखी डीएम बताया कि शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलिंडर की बुकिंग में वृद्धि देखी गई है। नए नियम के अनुसार शहरी क्षेत्रों में एक उपभोक्ता नंबर से गैस बुकिंग के लिए न्यूनतम 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों का अंतराल निर्धारित किया गया है। जिले की सभी गैस एजेंसियों के स्टॉक की जांच के लिए 68 टीमों का गठन कर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। जिससे आम नागरिकों को गैस सिलिंडर से संबंधित किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े। जांच प्रतिवेदन में यह पाया गया कि जिले में अधिकांश एजेंसियां नियमानुसार काम कर रही हैं। हाल के दिनों में फैली अफवाहों के कारण कई लोग गैस गोदामों पर अनावश्यक भीड़ लगा रहे हैं। उन्होंने अपील किया है कि घर से ही गैस बुकिंग करें। बुकिंग के बाद ओटीपी (OTP) के माध्यम से घर पर ही गैस सिलिंडर की डिलीवरी की जाएगी। पहले की अपेक्षा वर्तमान में गैस सिलिंडर की डिलीवरी में थोड़ा अधिक समय लग रहा है, लेकिन आम लोगों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में औसतन IOCL द्वारा 3.4 दिन, BPCL द्वारा 6 दिन और HPCL की ओर से 4.2 दिन में गैस सिलिंडर की डिलीवरी की जा रही है। बीपीसीएल में कुछ बाधा है और 8000 सिलेंडर डिमांड के बदले आते 3800 सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है। इसका सप्लाई बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। बेगूसराय में 98.5% रसोई गैस के उपभोक्ता और करीब 1.5% कमर्शियल गैस के उपभोक्ता हैं। कमर्शियल गैस में बाधा आ रही है आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होते ही उसे भी ठीक कर लिया जाएगा। डिलीवरी ओटीपी प्रणाली के माध्यम से डीएम ने स्पष्ट किया कि गैस सिलिंडर की डिलीवरी ओटीपी प्रणाली के माध्यम से ही की जाएगी। जिससे किसी भी प्रकार की कालाबाजारी को पूरी तरह रोका जा सके। विगत दो-तीन दिनों में ओटीपी से संबंधित गलत डिलीवरी की कुछ सूचनाएं हासिल हुई हैं, जिनकी जांच के लिए अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) महेश्वर प्रसाद सिंह को जांच करने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने बताया कि वर्तमान में जिला प्रशासन की प्राथमिकता घरेलू (डोमेस्टिक) गैस उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। वहीं कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति भी कराई जा रही है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालयों में कॉमर्शियल गैस आपूर्ति भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गैस आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिले में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसका संपर्क नंबर 06243-450626 है। आम नागरिकों से अपील की जा रही है कि एलपीजी गैस से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या होने पर इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। उसी दिन समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। बेगूसराय डीएम श्रीकांत शास्त्री ने कहा है कि जिले में रसोई गैस की कोई समस्या नहीं है। इसलिए लोग पैनिक नहीं हों और बेवजह गैस एजेंसियों पर जाकर भीड़ नहीं लगाएं। बुकिंग के अनुसार गैस उन्हें पहले की तरह घर पर उपलब्ध करवा दिया जाएगा। आज कारगिल भवन में एलपीजी गैस आपूर्ति से संबंधित प्रेसवार्ता में डीएम ने गैस आपूर्ति की स्थिति और प्रशासन की ओर से उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने बताया कि जिले में थिंक गैस पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर गैस आपूर्ति की जा रही है। वर्तमान में कुल 7405 उपभोक्ता थिंक गैस पाइपलाइन से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा तीन प्रमुख गैस कंपनियों की ओर से एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। जिनमें आईओसीएल (IOCL) की 40 एजेंसियां, बीपीसीएल (BPCL) की 16 एजेंसियां और एचपीसीएल (HPCL) की 12 एजेंसियां कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न मीडिया माध्यमों से गैस आपूर्ति में संभावित समस्या की जानकारी हासिल होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान अवैध रूप से गैस सिलिंडर की जमाखोरी कर बिक्री करने वाले एक व्यक्ति के घर छापेमारी कर गैस सिलिंडर जब्त किया गया और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। गैस सिलिंडर की बुकिंग में वृद्धि दिखी डीएम बताया कि शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलिंडर की बुकिंग में वृद्धि देखी गई है। नए नियम के अनुसार शहरी क्षेत्रों में एक उपभोक्ता नंबर से गैस बुकिंग के लिए न्यूनतम 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों का अंतराल निर्धारित किया गया है। जिले की सभी गैस एजेंसियों के स्टॉक की जांच के लिए 68 टीमों का गठन कर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। जिससे आम नागरिकों को गैस सिलिंडर से संबंधित किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े। जांच प्रतिवेदन में यह पाया गया कि जिले में अधिकांश एजेंसियां नियमानुसार काम कर रही हैं। हाल के दिनों में फैली अफवाहों के कारण कई लोग गैस गोदामों पर अनावश्यक भीड़ लगा रहे हैं। उन्होंने अपील किया है कि घर से ही गैस बुकिंग करें। बुकिंग के बाद ओटीपी (OTP) के माध्यम से घर पर ही गैस सिलिंडर की डिलीवरी की जाएगी। पहले की अपेक्षा वर्तमान में गैस सिलिंडर की डिलीवरी में थोड़ा अधिक समय लग रहा है, लेकिन आम लोगों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में औसतन IOCL द्वारा 3.4 दिन, BPCL द्वारा 6 दिन और HPCL की ओर से 4.2 दिन में गैस सिलिंडर की डिलीवरी की जा रही है। बीपीसीएल में कुछ बाधा है और 8000 सिलेंडर डिमांड के बदले आते 3800 सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है। इसका सप्लाई बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। बेगूसराय में 98.5% रसोई गैस के उपभोक्ता और करीब 1.5% कमर्शियल गैस के उपभोक्ता हैं। कमर्शियल गैस में बाधा आ रही है आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होते ही उसे भी ठीक कर लिया जाएगा। डिलीवरी ओटीपी प्रणाली के माध्यम से डीएम ने स्पष्ट किया कि गैस सिलिंडर की डिलीवरी ओटीपी प्रणाली के माध्यम से ही की जाएगी। जिससे किसी भी प्रकार की कालाबाजारी को पूरी तरह रोका जा सके। विगत दो-तीन दिनों में ओटीपी से संबंधित गलत डिलीवरी की कुछ सूचनाएं हासिल हुई हैं, जिनकी जांच के लिए अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) महेश्वर प्रसाद सिंह को जांच करने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने बताया कि वर्तमान में जिला प्रशासन की प्राथमिकता घरेलू (डोमेस्टिक) गैस उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। वहीं कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति भी कराई जा रही है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालयों में कॉमर्शियल गैस आपूर्ति भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गैस आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिले में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसका संपर्क नंबर 06243-450626 है। आम नागरिकों से अपील की जा रही है कि एलपीजी गैस से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या होने पर इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। उसी दिन समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।


