सिंगरौली के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के बगैया गांव में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन गोल्ड एवं बेस मेटल परियोजना के नाम पर हो रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में था। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष और पूर्व विधायक सरस्वती सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन को कंपनियों को सौंपने में लगी है। सिंह ने चेतावनी दी कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य अशोक सिंह पैगाम और पूर्व ग्रामीण अध्यक्ष ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने भी इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने बताया कि चितरंगी और दूधमनिया तहसील के कई गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है, जिससे गरीब और आदिवासी परिवारों के सामने विस्थापन का खतरा उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में प्राइवेट कंपनी के नाम पर अधिग्रहित की गई जमीन पर उद्योग स्थापित नहीं हुआ है। उनका कहना था कि किसानों को उनकी जमीन भी वापस नहीं मिली है। धरना प्रदर्शन के दौरान, नेताओं ने मांग की कि प्रभावित ग्रामीणों को उचित मुआवजा, बेहतर पुनर्वास और संबंधित कंपनियों में स्थायी रोजगार प्रदान किया जाए। इस कार्यक्रम में लल्ला राम पांडेय, नरेंद्र चंद्र सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।


