बाराबंकी जिले के फतेहपुर ब्लॉक में शिक्षा विभाग के एक अधिकारी द्वारा शिक्षकों को राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने का आदेश देने का मामला सामने आया है। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से यह निर्देश जारी किया। यह मामला कुर्सी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा के एक कार्यक्रम से जुड़ा है। बीईओ धर्मेंद्र प्रसाद ने 17 मार्च को प्रेरणा महाविद्यालय निदुरा में आयोजित ‘शिक्षक संगोष्ठी’ में विधायक की उपस्थिति का हवाला देते हुए शिक्षकों को अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया था।
आदेश में कहा गया था कि विद्यालय में केवल एक अध्यापक को छोड़कर सभी की उपस्थिति अनिवार्य है। इतना ही नहीं, एक अन्य मैसेज में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी ‘सेल्फी’ बीईओ ग्रुप पर भेजने का निर्देश दिया गया था, ताकि उनकी उपस्थिति दर्ज की जा सके। इस आदेश के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। जिले के आला अधिकारियों और मीडिया के संज्ञान में आने पर खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र प्रसाद ने इसे ‘मानवीय भूल’ बताया। उन्होंने सफाई दी कि मैसेज में गलती हो गई थी जिसे अब संशोधित किया जा रहा है। हालांकि, इस घटना से परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन पूरी तरह ठप पड़ गया है, क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी ड्यूटी छोड़कर कार्यक्रम में मौजूद हैं।


