गयाजी में चैत्र नवरात्रि से पहले मां मंगला गौरी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा, जिससे पूरे इलाके में भक्ति का माहौल बन गया। ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि मंगलवार के दिन माता मंगला गौरी की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा कर माता का आशीर्वाद लिया। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रही। श्रद्धालु ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाते हुए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। सुरक्षा के पुख्ता के इंतजाम भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए थे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनाती की गई थी। बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई। पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। मंदिर के आसपास फूल, माला और प्रसाद की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ देखी गई, जिससे स्थानीय व्यापार में रौनक बढ़ गई। चैत्र नवरात्रि शुरू होने के साथ ही आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने भक्तों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है ताकि सभी को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल सके। गयाजी में चैत्र नवरात्रि से पहले मां मंगला गौरी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा, जिससे पूरे इलाके में भक्ति का माहौल बन गया। ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि मंगलवार के दिन माता मंगला गौरी की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा कर माता का आशीर्वाद लिया। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रही। श्रद्धालु ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाते हुए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। सुरक्षा के पुख्ता के इंतजाम भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए थे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनाती की गई थी। बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई। पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। मंदिर के आसपास फूल, माला और प्रसाद की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ देखी गई, जिससे स्थानीय व्यापार में रौनक बढ़ गई। चैत्र नवरात्रि शुरू होने के साथ ही आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने भक्तों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है ताकि सभी को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल सके।


