Nvidia का 2027 तक AI चिप्स से 1 ट्रिलियन डॉलर रेवेन्यू जुटाने का प्लान, उछला शेयर

Nvidia का 2027 तक AI चिप्स से 1 ट्रिलियन डॉलर रेवेन्यू जुटाने का प्लान, उछला शेयर

एआइ इंडस्ट्री में चिप कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। पिछले कुछ वर्षों में एआइ मॉडल ट्रेनिंग पर फोकस रहा, लेकिन अब उपयोग और रियल टाइम प्रोसेसिंग अहम हो गया है। इसी दिशा में एनविडिया ने 2027 तक एआइ चिप्स से 1 ट्रिलियन डॉलर का रेवेन्यू जुटाने का अनुमान पेश किया है।

एआइ का नया चरण मांग को बढ़ाएगा

एनविडिया के सीईओ जेनसन हुआंग ने कैलिफोर्निया के सैन जोस में आयोजित जीटीसी डेवलपर कॉन्फ्रेंस में नई रणनीति पेश की। उन्होंने कहा कि इन्फरेंस कंप्यूटिंग, यानी एआइ सिस्टम द्वारा सवालों के जवाब देने की प्रक्रिया, अब तेजी से बढ़ रही है। कंपनी ने ग्रोक स्टार्टअप से लाइसेंस ली गई टेक्नोलॉजी के आधार पर नया एआइ सिस्टम और सेंट्रल प्रोसेसर लॉन्च किया। हुआंग के अनुसार, एआइ का यह नया चरण मांग को लगातार ऊपर ले जा रहा है, जिससे एनविडिया अपने ग्राफिक्स प्रोसेसर के साथ नए बाजार में मजबूत पकड़ बनाना चाहती है।

सीपीयू बिजनेस बनेगा मल्टी बिलियन डॉलर का

एनविडिया ने अपनी वेरा रुबिन चिप्स का भी खुलासा किया, जो एआइ प्रोसेसिंग को दो चरणों में बांटती हैं। पहला चरण प्रीफिल है, जिसमें यूजर के सवाल को टोकन में बदला जाता है, जबकि दूसरा डिकोड चरण ग्रोक के चिप्स द्वारा संभाला जाएगा, जिसमें एआइ जवाब तैयार करता है। इसके अलावा कंपनी ने वेरा सीपीयू भी पेश किया, जिससे वह सीपीयू मार्केट में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। हुआंग ने कहा कि सीपीयू बिजनेस जल्द ही मल्टी बिलियन डॉलर का बन सकता है। इससे यह संकेत मिलता है कि एनविडिया अब केवल जीपीयू तक सीमित नहीं रहना चाहती।

कंपनी के शेयर में बढ़ोतरी हुई

हालांकि एनविडिया की वैल्यूएशन पहले ही 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है, लेकिन निवेशकों में कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को लेकर सवाल उठे हैं। क्योंकि फरवरी में अपनी लास्ट अर्निंग्स कॉल में एनवीडिया ने ब्लैकवेल और रुबिन चिप के लिए 2026 तक 500 बिलियन डॉलर के रेवेन्यू का उल्लेख किया था।

खासकर एआइ इकोसिस्टम में भारी निवेश के कारण मुनाफे पर दबाव की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, 1 ट्रिलियन डॉलर के नए अनुमान ने कुछ हद तक भरोसा बढ़ाया है। कंपनी के शेयर में 1.2 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि एआइ इंडस्ट्री अब प्रयोग के चरण से निकलकर बड़े स्तर पर उपयोग की ओर बढ़ रही है, जिससे एनविडिया की लीडरशिप बरकरार रह सकती है।

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