पूर्णिया में बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने एक महिला को घेर लिया। आक्रोशित लोगों ने महिला से बदसलूकी की और पिटाई कर दी। पुलिस की तत्परता से जान बची। घटना फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी क्षेत्र के पंचमुखी मंदिर के पास की है। टीओपी प्रभारी राजनंदनी ने बताया कि महिला अपनी छोटी बच्ची के साथ भटकते-भटकते लाइन बाजार कुंडी पुल से निकलकर पंचमुखी मंदिर इलाके में पहुंच गई थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उसे बच्चा चोर समझ लिया। उसके आसपास भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया कि महिला बच्चा चोरी करने आई है, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पहचान के बाद घर वालों को सौंपा सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। भीड़ के बीच से महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। टीओपी लाकर काफी पूछताछ की गई, मगर वो कुछ भी बताने में असमर्थ रही। काफी कोशिशों के बाद भी अपने बारे में नहीं बता सकी। बच्ची और महिला को शहर घुमाया गया, ताकि किसी तरह घर की पहचान कर सके। पुलिस वैन जैसे ही लाइन बाजार कुंडी पुल के पास पहुंची। बच्ची ने पिता के चाय दुकान की ओर इशारा किया। पति और परिवार वालों ने पत्नी और बच्ची की पहचान की। परिवार वालों ने बताया कि महिला मानसिक रूप से कमजोर है। कुछ साल पहले उसके बेटे की मौत हो गई थी, जिसके गहरे सदमे से उबर नहीं सकी। इसी कारण उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। महिला पहले सरकारी टीचर रह चुकी है। पति चाय की दुकान चलाते हैं। दो बेटियां हैं, घटना के समय वह अपनी एक बेटी के साथ भटकते हुए पंचमुखी मंदिर इलाके में पहुंच गई थी, जहां लोगों ने उसे बच्चा चोर समझ लिया। पहचान के बाद दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया। पूर्णिया में बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने एक महिला को घेर लिया। आक्रोशित लोगों ने महिला से बदसलूकी की और पिटाई कर दी। पुलिस की तत्परता से जान बची। घटना फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी क्षेत्र के पंचमुखी मंदिर के पास की है। टीओपी प्रभारी राजनंदनी ने बताया कि महिला अपनी छोटी बच्ची के साथ भटकते-भटकते लाइन बाजार कुंडी पुल से निकलकर पंचमुखी मंदिर इलाके में पहुंच गई थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उसे बच्चा चोर समझ लिया। उसके आसपास भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया कि महिला बच्चा चोरी करने आई है, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पहचान के बाद घर वालों को सौंपा सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। भीड़ के बीच से महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। टीओपी लाकर काफी पूछताछ की गई, मगर वो कुछ भी बताने में असमर्थ रही। काफी कोशिशों के बाद भी अपने बारे में नहीं बता सकी। बच्ची और महिला को शहर घुमाया गया, ताकि किसी तरह घर की पहचान कर सके। पुलिस वैन जैसे ही लाइन बाजार कुंडी पुल के पास पहुंची। बच्ची ने पिता के चाय दुकान की ओर इशारा किया। पति और परिवार वालों ने पत्नी और बच्ची की पहचान की। परिवार वालों ने बताया कि महिला मानसिक रूप से कमजोर है। कुछ साल पहले उसके बेटे की मौत हो गई थी, जिसके गहरे सदमे से उबर नहीं सकी। इसी कारण उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। महिला पहले सरकारी टीचर रह चुकी है। पति चाय की दुकान चलाते हैं। दो बेटियां हैं, घटना के समय वह अपनी एक बेटी के साथ भटकते हुए पंचमुखी मंदिर इलाके में पहुंच गई थी, जहां लोगों ने उसे बच्चा चोर समझ लिया। पहचान के बाद दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया।


