सड़क पार करने के लिए दबाना होगा बटन:पटना जू के सामने पैदल यात्रियों के लिए नई स्मार्ट व्यवस्था होगी, 20 मिनट तक रोक सकेंगे ट्रैफिक

सड़क पार करने के लिए दबाना होगा बटन:पटना जू के सामने पैदल यात्रियों के लिए नई स्मार्ट व्यवस्था होगी, 20 मिनट तक रोक सकेंगे ट्रैफिक

पटना जू के सामने पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए विदेशों की तर्ज पर विशेष सिग्नल लाइट लगाई जाएगी। सड़क पार करने के लिए पैदल यात्रियों को केवल एक बटन दबाना होगा। पटना नगर निगम के वार्षिक बजट में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत इसपर फैसला लिया गया है। बटन दबाने पर रेड लाइट जलेगी, जिससे सड़क के दोनों लेन में वाहनों की आवाजाही रुक जाएगी। लोगों के पार होने के बाद ग्रीन लाइट हो जाएगी। यात्रियों के समूह के पार होने के बाद दोबारा 20 मिनट बाद ही फिर से यह बटन काम करेगा। फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि सड़क पार करने के लिए हर 20 मिनट में पैदल यात्री बटन दबाकर ट्रैफिक रोक सकेंगे। इसके सफल होने पर अन्य भीड़-भाड़ वाले इलाकों और स्कूलों के पास भी लगाया जाएगा। फुट ओवरब्रिज या अंडरपास बनने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। पटना नगर निगम का 8 करोड़ घाटे का बजट हुआ पेश दरअसल, नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की 5वीं विशेष बैठक (बजट 2026-27) सोमवार को निगम मुख्यालय में आयोजित की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2914 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। यह बजट पिछले साल की तुलना में 59 करोड़ रुपए अधिक है, हालांकि आय-व्यय के गणित में यह 8 करोड़ रुपए के घाटे का बजट दर्शाया गया है। अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए निगम पर्षद की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।

पटना की सड़कों पर लगेंगी IOT आधारित सेंसर वाली स्मार्ट लाइट अब पटना की सड़कों पर IOT आधारित सेंसर वाली स्मार्ट लाइटें लगेंगी, जो रोशनी कम होते ही खुद ही जल जाएंगी और सुबह होते ही बुझ जाएंगी। इसके लिए पूरे शहर में नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा, ताकि नई कॉलोनियों और गलियों को भी रोशनी से जोड़ा जा सके। इन लाइटों के लिए सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर भी रहेगा। अभी फिलहाल शहर में करीब 82 हजार लाइट इंस्टॉल है। सिटी लाॅजिस्टिक प्लान होगा तैयार इस बजट में पुराने कचरे के प्रोसेसिंग, नए गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन और शहर के सौंदर्यीकरण के लिए सिटी लैंडस्केप प्लान, सिटी लॉजिस्ट्रिक प्लान पर भी विशेष मुहर लगी है। वहीं, नागरिक सुविधाओं के लिए सभी छह अंचलों में अब स्वर्ग रथ (शव वाहन) उपलब्ध होंगे। शोक संतप्त परिवार आसानी से इसकी बुकिंग कर सकेंगे, जिससे मुक्तिधाम तक शव ले जाने में परेशानी न हो। बजट का मुख्य हिस्सा शहर की सफाई व्यवस्था, ड्रेनेज और नई सड़कों के निर्माण पर खर्च होगा।
GIS मैपिंग से होगा घरों का नया असेसमेंट नगर निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। राजस्व बढ़ाने के कई प्रविधान बजट में शामिल किए गए हैं। इसके तहत घरों का नया असेसमेंट GIS मैपिंग के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। इससे छूटे हुए घरों को टैक्स के दायरे में लाया जा सकेगा। ट्रेड लाइसेंस से भी निगम की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा म्युनिसिपल बॉन्ड लॉन्च करने का भी प्रावधान बजट में रखा गया है।
पटना नगर निगम के सीमा पर बनेंगे 7 प्रवेश द्वार पटना शहर के निगम क्षेत्र के अंतर्गत सीमा में प्रवेश करने वाले सात प्रमुख रास्तों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। हालांकि, इनका स्थान अभी तय होना बाकी है। न्यू मार्केट को विकसित कर बहुमंजिला भवन बनाने, मछुआ टोली के पास शॉपिंग मॉल बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। वहीं, राजधानी के हाउसहोल्ड को ग्लोबल इंफॉर्मेशन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। पिछली बार संपत्ति कर 116 करोड़ प्राप्त हुए थे। अबतक 90 करोड़ आया है। इस बार 137 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। पटना जू के सामने पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए विदेशों की तर्ज पर विशेष सिग्नल लाइट लगाई जाएगी। सड़क पार करने के लिए पैदल यात्रियों को केवल एक बटन दबाना होगा। पटना नगर निगम के वार्षिक बजट में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत इसपर फैसला लिया गया है। बटन दबाने पर रेड लाइट जलेगी, जिससे सड़क के दोनों लेन में वाहनों की आवाजाही रुक जाएगी। लोगों के पार होने के बाद ग्रीन लाइट हो जाएगी। यात्रियों के समूह के पार होने के बाद दोबारा 20 मिनट बाद ही फिर से यह बटन काम करेगा। फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि सड़क पार करने के लिए हर 20 मिनट में पैदल यात्री बटन दबाकर ट्रैफिक रोक सकेंगे। इसके सफल होने पर अन्य भीड़-भाड़ वाले इलाकों और स्कूलों के पास भी लगाया जाएगा। फुट ओवरब्रिज या अंडरपास बनने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। पटना नगर निगम का 8 करोड़ घाटे का बजट हुआ पेश दरअसल, नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की 5वीं विशेष बैठक (बजट 2026-27) सोमवार को निगम मुख्यालय में आयोजित की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2914 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। यह बजट पिछले साल की तुलना में 59 करोड़ रुपए अधिक है, हालांकि आय-व्यय के गणित में यह 8 करोड़ रुपए के घाटे का बजट दर्शाया गया है। अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए निगम पर्षद की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।

पटना की सड़कों पर लगेंगी IOT आधारित सेंसर वाली स्मार्ट लाइट अब पटना की सड़कों पर IOT आधारित सेंसर वाली स्मार्ट लाइटें लगेंगी, जो रोशनी कम होते ही खुद ही जल जाएंगी और सुबह होते ही बुझ जाएंगी। इसके लिए पूरे शहर में नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा, ताकि नई कॉलोनियों और गलियों को भी रोशनी से जोड़ा जा सके। इन लाइटों के लिए सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर भी रहेगा। अभी फिलहाल शहर में करीब 82 हजार लाइट इंस्टॉल है। सिटी लाॅजिस्टिक प्लान होगा तैयार इस बजट में पुराने कचरे के प्रोसेसिंग, नए गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन और शहर के सौंदर्यीकरण के लिए सिटी लैंडस्केप प्लान, सिटी लॉजिस्ट्रिक प्लान पर भी विशेष मुहर लगी है। वहीं, नागरिक सुविधाओं के लिए सभी छह अंचलों में अब स्वर्ग रथ (शव वाहन) उपलब्ध होंगे। शोक संतप्त परिवार आसानी से इसकी बुकिंग कर सकेंगे, जिससे मुक्तिधाम तक शव ले जाने में परेशानी न हो। बजट का मुख्य हिस्सा शहर की सफाई व्यवस्था, ड्रेनेज और नई सड़कों के निर्माण पर खर्च होगा।
GIS मैपिंग से होगा घरों का नया असेसमेंट नगर निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। राजस्व बढ़ाने के कई प्रविधान बजट में शामिल किए गए हैं। इसके तहत घरों का नया असेसमेंट GIS मैपिंग के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। इससे छूटे हुए घरों को टैक्स के दायरे में लाया जा सकेगा। ट्रेड लाइसेंस से भी निगम की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा म्युनिसिपल बॉन्ड लॉन्च करने का भी प्रावधान बजट में रखा गया है।
पटना नगर निगम के सीमा पर बनेंगे 7 प्रवेश द्वार पटना शहर के निगम क्षेत्र के अंतर्गत सीमा में प्रवेश करने वाले सात प्रमुख रास्तों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। हालांकि, इनका स्थान अभी तय होना बाकी है। न्यू मार्केट को विकसित कर बहुमंजिला भवन बनाने, मछुआ टोली के पास शॉपिंग मॉल बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। वहीं, राजधानी के हाउसहोल्ड को ग्लोबल इंफॉर्मेशन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। पिछली बार संपत्ति कर 116 करोड़ प्राप्त हुए थे। अबतक 90 करोड़ आया है। इस बार 137 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है।  

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