EX.MP धनन्जय के हमलावर MLA अभय आज कोर्ट में तलब:वाराणसी में पूर्व सांसद पर 24 साल पहले चली थी गोलियां, कचहरी के सबसे पुराने केस की सुनवाई

EX.MP धनन्जय के हमलावर MLA अभय आज कोर्ट में तलब:वाराणसी में पूर्व सांसद पर 24 साल पहले चली थी गोलियां, कचहरी के सबसे पुराने केस की सुनवाई

वाराणसी में 24 साल पहले टकसाल सिनेमा के पास पूर्व सांसद धंनजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के केस में आज सुनवाई होगी। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) यजुवेंद्र विक्रम सिंह कोर्ट में एमएलसी विनीत सिंह के बाद अब आज विधायक अभय सिंह पेश होंगे। गवाहों से फिर जिरह की बात के बीच कोर्ट अब शेष अभियुक्त विधायक अभय सिंह, संदीप सिंह और संजय सिंह रघुवंशी को तलब किया है। हालांकि अधिवक्ता शशिकांत राय ‘चुन्ना’ ने अभय सिंह समेत अन्य अभियुक्तों पर जिरह से भागने का आरोप लगाया है। पूर्व सांसद ने धारा 311 के तहत कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया, इसमें बचाव पक्ष के गवाहों और सबूतों पर सवाल उठाए थे जिसके बाद सभी आरोपियों को फिर जिरह के लिए तलब किया जा रहा है। अभियोजन समेत धनंजय के वकील ने हमले के आरोपी एमएलसी विनीत सिंह से बहस पूरी कर ली।
कैंट थाना क्षेत्र में 24 साल पहले हुए पूर्व सांसद धंनजय सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में आज सुनवाई होगी। वाराणसी न्यायालय का सबसे पुराने मामले में आरोपियों की फिर पेशी और जिरह हो रही है। इसमें आरोपी अभियुक्त विधायक अभय सिंह, संदीप सिंह और संजय सिंह रघुवंशी पेश होने के लिए तलब किए गए हैं। पूर्व सांसद धनंजय सिंह की ओर से उनके निजी वरिष्ठ अधिवक्ता शशिकांत राय उर्फ चुन्ना राय ने बताया कि 25 साल पुराने केस में लंबित एकमात्र प्रकरण है। आरोप पत्र में पुलिस ने विधायक अभय सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह, सत्येन्द्र सिह तथा एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाकर आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। चार्जशीट को 22-23 वर्ष व्यतीत हो गया अभी तक उक्त मुकदमें का निस्तारण अभियुक्तों द्वारा नहीं होने दिया गया। MPMLA कोर्ट ने विधायक अभय सिंह, संदीप सिंह एवं संजय सिंह रघुवंशी की तरफ से बहस के लिए आज का सम्मन जारी कर बुलाया है। आरोप लगाया कि आरोपी मुकदमे को लम्बित रखने का प्रयास किया गया। वर्तमान समय में बहस में चल रहा है तथा अभियुक्त अभय सिंह व अन्य द्वारा बहस न करके मुकदमें को टाला जा रहा है। अभियुक्तगण विनोद सिंह, सत्येन्द्र सिंह तथा विनीत सिंह की तरफ से अपनी बहस पूरी कर दी गयी है। लेकिन अभय सिंह, संदीप सिंह तथा संजय सिंह रघुवंशी की ओर से बहस नहीं की जा रही है, जिससे मुकदमें का निस्तारण नहीं हो पा रहा है पूर्व सांसद धनन्जय सिंह लगभग 24 वर्षों से न्याय के लिए अदालत का चक्कर लगा रहे है। अभय सिंह के डॉक्टर और फार्मासिस्ट से हो चुकी जिरह कोर्ट में धनंजय का प्ली ऑफ एलीबाई अप्लीकेशन स्वीकार कर लिया है और विगत सप्ताह डॉ. अरविंद कुमार सिंह और फार्मासिस्ट सुभाकर यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे, उनकी जिरह पूरी हो चुकी है। अब दूसरे गवाहों को तलब किया जाएगा। उनका कहना था कि घटना के समय आरोपी अभय सिंह (वर्तमान विधायक, गोसाईंगंज) फैजाबाद के एक सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। उस समय इलाज कर करे डॉक्टर और फार्मासिस्ट ने पूरे मामले की जानकारी दी है। हालांकि अभियोजन ने साक्ष्यों पर सवाल उठाए हैं। पहले पूरा मामला समझिए… धनंजय सिंह 4 अक्टूबर, 2002 को अपने साथियों के साथ सफारी वाहन वाराणसी से जौनपुर लौट रहे थे। उस समय वे जौनपुर की रारी सीट से निर्दलीय विधायक बने थे। इसी दौरान कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में टकसाल सिनेमा हॉल के पास बोलेरो सवार अभय सिंह और उनके 4–5 साथियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर, चालक समेत कई लोग घायल हो गए। इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए। मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह, विनीत सिंह (वर्तमान एमएलसी), संदीप सिंह, संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने संदीप सिंह, संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पूर्व सांसद ने बताया- छात्र जीवन से रंजिश धनंजय सिंह ने तहरीर में कहा कि अभय सिंह से छात्र राजनीति के दौरान से ही रंजिश है। वो कई बार मुझे मारने की कोशिश कर चुका है। मैंने अभय और उसके साथियों को पहचाना है। अभय सिंह का यूपी में आतंक है। धनंजय सिंह ने आरोप लगाया कि व्यापारियों से रंगदारी वसूलता है। भाड़े पर हत्या करता और करवाता है। मामला 24 साल से लंबित मामला, अदालत ने दिखाई सख्ती एमपी-एमएलए कोर्ट वाराणसी के जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह आज 24 साल पुराने और शहर के बेहद चर्चित नदेसर टकसाल सिनेमा शूटआउट केस की सुनवाई करेंगे। हाईकोर्ट ने धारा 482, संख्या 30523/2012 में 6 नवंबर 2012 को निर्देश दिया था। बताया कि जब तक सत्र परीक्षण संख्या 461/2003 का निस्तारण नहीं होता, तब तक इस मामले में निर्णय न दिया जाए। उस केस में 29 अगस्त 2025 को फैसला हो जाने के बाद इस प्रकरण में फिर से बहस की प्रक्रिया शुरू हो सकी है। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा है कि “यह न्यायालय का सबसे पुराने लंबित मामलों में शामिल है। अतः साक्षियों की जिरह अब किसी भी स्थिति में टाली नहीं जाएगी।” अदालत ने मूल चिकित्सीय अभिलेख तलब करने की मांग को खारिज कर दिया, लेकिन दोनों गवाहों की पुनः जिरह की अनुमति दे दी। वाराणसी एमपी एमएलए कोर्ट के सबसे पुराने केस में अब जजमेंट का इंतजार है। 2002 में दर्ज यह केस वर्ष 2003 से सत्र न्यायालय में परीक्षण को लंबित है। दोनों पक्षों का साक्ष्य वर्ष 2021 में पूरा हो चुका था, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के चलते अंतिम फैसला नहीं हो सका था। 29 अगस्त 2025 को गैंगस्टर में बरी हुए आरोपी अपर जिला जज सुशील खरवार की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट मामले में आरोपी संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वर्ष 2002 में कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में केराकत विधायक धनंजय सिंह पर जानलेवा हमले मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *