‘राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने हमारे विधायक चोरी कर लिए’:राजेश राम बोले- अचानक रडार से हो गए बाहर, पार्टी इनपर कार्रवाई करेगी

‘राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने हमारे विधायक चोरी कर लिए’:राजेश राम बोले- अचानक रडार से हो गए बाहर, पार्टी इनपर कार्रवाई करेगी

राज्यसभा चुनाव के पांच पदों पर हुए चुनाव में एनडीए ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी सीटों पर जीत दर्ज की। महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह को शिकस्त मिली। महागठबंधन के 4 विधायक वोट देने नहीं पहुंचे थे, जिसमें कांग्रेस के 3 विधायक शामिल थे। दो विधायक सुरेंद्र और मनोज विश्वास से पार्टी नेताओं का संपर्क नहीं हो पाया। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हमारे विधायक अचानक से रडार से बाहर हो गए। मुझे पहले से इसकी आशंका थी। हमारे विधायक चोरी कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से इन सभी विधायकों पर कार्रवाई होगी। राज्यसभा चुनाव के बाद दैनिक भास्कर ने बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से बातचीत की, क्या कहा पढ़िए रिपोर्ट… सवाल- राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के विधायक नहीं पहुंचे थे, इसपर क्या कहना हैं ? जवाब- मेरे और मेरी पार्टी के लिए यह सेटबैक वाली बात है। 12 मार्च को सभी विधायक एक साथ बैठे थे और मीटिंग हुई थी। 13 मार्च की रात तक मेरी सभी से बात हुई थी। बाद में सभी का फोन अनरीचेबल आने लगा। हमारे विधायक चोरी कर लिए गए हैं। बीजेपी ने यहां पर चोरी करके सरकार बनाई और अब तो नीतीश कुमार को भी चोरी कर लिया है। राज्यसभा के 5वीं सीट के लिए हमारे विधायकों को भी चोरी कर लिया है। पहले उन्होंने वोट चोरी की और फिर जीते हुए प्रतिनिधि को डरा कर, प्रलोभन देकर अपने पाले में किया। 13 तारीख के बाद अचानक से हमारे विधायक को पता नहीं क्या हुआ कि वे अनरीचेबल हो गए। यह अपने आप में एक बड़ा घटनाक्रम है। नीतीश कुमार की सरकार में कभी भी यह घटना नहीं हुई। मगर बीजेपी का जहां-जहां सत्ता होता है, वहां विधायक चोरी हो जाते हैं। इसलिए हमारे विधायक वोट देने नहीं पहुंचे। सवाल- बीते दिनों से कांग्रेस के विधायक ट्रेसलेस बताए जा रहे थे, पहले से इस बात की आशंका थी? जवाब- सबसे पहले मैं 4 तारीख को सभी विधायकों से मिला था। राज्यसभा को लेकर चर्चा चली थी। फिर 9 को मुलाकात हुई और कई विधायकों के घर पर जाकर मैंने चाय पी। 12 को मेरी दिल्ली में मीटिंग थी और जब मैंने बात की तो सभी विधायक एक साथ पटना में मौजूद थे। 13 तारीख के बाद से जब हमने कांटेक्ट करना शुरू किया और वह ट्रेसलेस आए, तो फिर आशंका हो गई थी। पहले से भी थोड़ी आशंका थी क्योंकि बीजेपी कुछ भी कर सकती है। हमारे जीते हुए विधायकों को भाजपा ने चोरी करके एब्सेंट करवा दिया और फिर रिजल्ट ले लिया। तीनों विधायकों पर क्या पार्टी की कार्रवाई करेगी? जवाब: इनपर कार्रवाई तो बिल्कुल बनती है। इसमें हम केंद्रीय नेतृत्व और एक्सपर्ट से राय लेंगे। जीते हुए प्रतिनिधि के हिसाब से सारी चीजें देखी जाएगी। सीनियर लोगों से चर्चा करके कमेटी के माध्यम से सारी प्रक्रिया को देखा जाएगा, उसके बाद कार्रवाई जरूर होगी।
सवाल- मांझी का ट्वीट है पैसे लेकर टिकट बेचिएगा तो विधायक फोन ऑफ नहीं करेंगे, क्या कहेंगे? जवाब: जीतन राम मांझी सीएम रह चुके हैं। नीतीश कुमार ने त्याग करके उन्हें सीएम बनाया था। बाद में वह नीतीश कुमार को दगा दे गए। ‘दगाबाज बलमा बतिया क्या माने’ लाइन उन पर सूट करती है। इसके बाद घुसकर महागठबंधन में आ गए। फिर एनडीए में चले गए। मैं उनसे एक सवाल करता हूं कि आखिर जीतन राम मांझी की पार्टी कैसे चल रही है? जीतन राम मांझी केंद्र में MSME मंत्री हैं, तो जो सारे उद्योगपतियों से चंदा लेकर यह अपने पार्टी में दे रहे हैं, उस बात को उन्हें क्लियर कर देना चाहिए। दूसरी तरफ वो अपने परिवार को ही टिकट दे रहे हैं। परिवार के बाहर आखिर उनका एक भी टिकट बता दीजिए। इन लोग की मानसिकता लोकतंत्र में सत्ता में रहना है। आज अगर हम लोग मजबूत हो गए, तो वह कहेंगे कि कांग्रेस बड़ी मजबूत पार्टी है। समय के साथ जीतन राम मांझी करवट बदलते हैं। राज्यसभा चुनाव के पांच पदों पर हुए चुनाव में एनडीए ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी सीटों पर जीत दर्ज की। महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह को शिकस्त मिली। महागठबंधन के 4 विधायक वोट देने नहीं पहुंचे थे, जिसमें कांग्रेस के 3 विधायक शामिल थे। दो विधायक सुरेंद्र और मनोज विश्वास से पार्टी नेताओं का संपर्क नहीं हो पाया। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हमारे विधायक अचानक से रडार से बाहर हो गए। मुझे पहले से इसकी आशंका थी। हमारे विधायक चोरी कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से इन सभी विधायकों पर कार्रवाई होगी। राज्यसभा चुनाव के बाद दैनिक भास्कर ने बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से बातचीत की, क्या कहा पढ़िए रिपोर्ट… सवाल- राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के विधायक नहीं पहुंचे थे, इसपर क्या कहना हैं ? जवाब- मेरे और मेरी पार्टी के लिए यह सेटबैक वाली बात है। 12 मार्च को सभी विधायक एक साथ बैठे थे और मीटिंग हुई थी। 13 मार्च की रात तक मेरी सभी से बात हुई थी। बाद में सभी का फोन अनरीचेबल आने लगा। हमारे विधायक चोरी कर लिए गए हैं। बीजेपी ने यहां पर चोरी करके सरकार बनाई और अब तो नीतीश कुमार को भी चोरी कर लिया है। राज्यसभा के 5वीं सीट के लिए हमारे विधायकों को भी चोरी कर लिया है। पहले उन्होंने वोट चोरी की और फिर जीते हुए प्रतिनिधि को डरा कर, प्रलोभन देकर अपने पाले में किया। 13 तारीख के बाद अचानक से हमारे विधायक को पता नहीं क्या हुआ कि वे अनरीचेबल हो गए। यह अपने आप में एक बड़ा घटनाक्रम है। नीतीश कुमार की सरकार में कभी भी यह घटना नहीं हुई। मगर बीजेपी का जहां-जहां सत्ता होता है, वहां विधायक चोरी हो जाते हैं। इसलिए हमारे विधायक वोट देने नहीं पहुंचे। सवाल- बीते दिनों से कांग्रेस के विधायक ट्रेसलेस बताए जा रहे थे, पहले से इस बात की आशंका थी? जवाब- सबसे पहले मैं 4 तारीख को सभी विधायकों से मिला था। राज्यसभा को लेकर चर्चा चली थी। फिर 9 को मुलाकात हुई और कई विधायकों के घर पर जाकर मैंने चाय पी। 12 को मेरी दिल्ली में मीटिंग थी और जब मैंने बात की तो सभी विधायक एक साथ पटना में मौजूद थे। 13 तारीख के बाद से जब हमने कांटेक्ट करना शुरू किया और वह ट्रेसलेस आए, तो फिर आशंका हो गई थी। पहले से भी थोड़ी आशंका थी क्योंकि बीजेपी कुछ भी कर सकती है। हमारे जीते हुए विधायकों को भाजपा ने चोरी करके एब्सेंट करवा दिया और फिर रिजल्ट ले लिया। तीनों विधायकों पर क्या पार्टी की कार्रवाई करेगी? जवाब: इनपर कार्रवाई तो बिल्कुल बनती है। इसमें हम केंद्रीय नेतृत्व और एक्सपर्ट से राय लेंगे। जीते हुए प्रतिनिधि के हिसाब से सारी चीजें देखी जाएगी। सीनियर लोगों से चर्चा करके कमेटी के माध्यम से सारी प्रक्रिया को देखा जाएगा, उसके बाद कार्रवाई जरूर होगी।
सवाल- मांझी का ट्वीट है पैसे लेकर टिकट बेचिएगा तो विधायक फोन ऑफ नहीं करेंगे, क्या कहेंगे? जवाब: जीतन राम मांझी सीएम रह चुके हैं। नीतीश कुमार ने त्याग करके उन्हें सीएम बनाया था। बाद में वह नीतीश कुमार को दगा दे गए। ‘दगाबाज बलमा बतिया क्या माने’ लाइन उन पर सूट करती है। इसके बाद घुसकर महागठबंधन में आ गए। फिर एनडीए में चले गए। मैं उनसे एक सवाल करता हूं कि आखिर जीतन राम मांझी की पार्टी कैसे चल रही है? जीतन राम मांझी केंद्र में MSME मंत्री हैं, तो जो सारे उद्योगपतियों से चंदा लेकर यह अपने पार्टी में दे रहे हैं, उस बात को उन्हें क्लियर कर देना चाहिए। दूसरी तरफ वो अपने परिवार को ही टिकट दे रहे हैं। परिवार के बाहर आखिर उनका एक भी टिकट बता दीजिए। इन लोग की मानसिकता लोकतंत्र में सत्ता में रहना है। आज अगर हम लोग मजबूत हो गए, तो वह कहेंगे कि कांग्रेस बड़ी मजबूत पार्टी है। समय के साथ जीतन राम मांझी करवट बदलते हैं।  

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