यमुनानगर के एक निजी स्कूल में छात्रा के साथ दुर्व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि परीक्षा के दौरान शिक्षिका ने उसकी बेटी का पेपर बिना वजह छीनकर बाद में उसके चेहरे पर फेंक दिया, जिससे छात्रा को कक्षा में अपमान झेलना पड़ा। इतना ही नहीं, मामले की शिकायत करने पर स्कूल प्रबंधन पर भी सहयोग न करने और प्रबंधन के ही एक व्यक्ति द्वारा फोन पर जातिसूचक शब्द कहने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बुडिया थाना पुलिस ने एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव शहजादपुर टपरियों का निवासी शिव कुमार ने बताया कि उसकी बेटी भूमि सुमेर चंद जैन विद्या मंदिर स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा है। 06 मार्च को उसकी बेटी का SST का पेपर था। बच्ची के मुंह पर फेंक कर मारा पेपर परीक्षा के दौरान स्कूल की शिक्षिका दिव्या ने बिना किसी कारण उसकी बेटी से पेपर छीन लिया और करीब 30 मिनट बाद वही पेपर उसके मुँह पर फेंकते हुए वापस दिया, जिससे उसकी बेटी पूरी कक्षा के सामने अपमानित हुई। इस घटना की CCTV फुटेज भी मौजूद है, जिसे स्कूल के प्रिंसिपल ने खुद दिखाया, जिसमें साफ तौर पर शिक्षिका का ऐसा व्यवहार नजर आता है। घटना के बाद बच्ची मानसिक रूप से आहत हुई और घर आकर काफी रोई। शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि उसकी पत्नी कविता उसी दिन स्कूल गई, जहां प्रिंसिपल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद 7 मार्च को प्रिंसिपल ने उन्हें पार्क में मिलने के लिए बुलाया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। स्कूल बुलाकर मजाक उडाने का आरोप 9 मार्च को वह एक गांव के बुजुर्ग के साथ स्कूल पहुंचे, जहां प्रिंसिपल ने कहा कि परीक्षा तक संबंधित शिक्षिका स्कूल नहीं आएगी, लेकिन इस दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार भी किया गया। 13 मार्च को जब उसकी पत्नी बेटी को परीक्षा दिलाने स्कूल गई, तो वहां संस्था से जुड़े राम गुप्ता मौजूद थे। उन्होंने शिकायतकर्ता को प्रिंसिपल कार्यालय में बुलाकर उसकी बात सुनी, लेकिन बाद में उसका मजाक उड़ाते हुए कहा कि शिक्षिका स्कूल में ही रहेगी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मजबूर होकर डायल 112 को बुलाया। फोन पर बोले जातिसूचक शब्द, केस दर्ज शिव कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि जब स्कूल प्रशासन से सवाल किए गए, तो उन्होंने जिम्मेदारी संस्था पर डाल दी। इसके बाद उन्होंने थाना बुड़िया में शिकायत दी कि शिक्षिका को बुलाकर माफी मंगवाई जाए। इस बात पर 17 मार्च को फैसला होना तय हुआ था। शिकायतकर्ता के अनुसार, 16 मार्च को संस्था से जुड़े राम गुप्ता ने फोन पर बातचीत के दौरान उसकी पत्नी और उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने राम गुप्ता के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है, जिसकी जांच डीएसपी जगाधरी को सौंपी गई है।


