उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने समदड़ी-मुनाबाव रेलखंड पर एक बड़ा कार्य पूरा कर तिलवाड़ा-गोल सेक्शन में लंबे समय से लागू स्थाई स्पीड प्रतिबंध को हटा दिया है। ट्रैक में किए गए इस तकनीकी बदलाव के बाद अब इस रूट पर गाड़ियां 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगी। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि पहले इस कर्व (घुमाव) पर ट्रेनों की अधिकतम गति 95 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित थी। इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल (कर्षण) शाखा की टीम ने समन्वय स्थापित करते हुए कर्व के रि-अलाइनमेंट का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया। ट्रैक सुधार के बाद अब स्पीड लिमिट को बढ़ाकर 110 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है। इससे इस सेक्शन में ट्रेनों का संचालन अधिक तेज, सुरक्षित और सुचारू होगा। ट्रैफिक ब्लॉक और तकनीकी कार्य की प्रक्रिया इस जटिल कार्य को अंजाम देने के लिए रविवार को दोपहर 1.35 बजे से शाम 7.05 बजे तक ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया था। ब्लॉक के दौरान रेलवे ट्रैक पर लगे चार ओवरहैड इक्विपमेंट (ओएचई) मास्ट हटाए गए और उनके फाउंडेशन को जेसीबी ब्रेकर की मदद से तोड़ा गया। इसके बाद डुओमैटिक मशीन से ट्रैक की गिट्टियों को व्यवस्थित (टैम्पिंग) कर लाइन का अलाइनमेंट सुधारा गया, जिससे ट्रैक पहले से अधिक मजबूत और संतुलित हो गया है। घुमाव कम होने से बढ़ा सुरक्षा का स्तर तकनीकी सुधार के तहत रेलवे ने कर्व नंबर-17 को 12.51 मीटर तक खिसकाया है। इस बदलाव से ट्रैक का घुमाव 3 डिग्री से घटकर 1.96 डिग्री रह गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार घुमाव कम होने से ट्रेनों के लिए इस हिस्से से गुजरना पहले के मुकाबले कहीं अधिक सुरक्षित और आसान हो गया है। ऐसे ट्रैक सुधार कार्यों से ट्रेनों की गति, सुरक्षा और समयपालन में सीधा सुधार होता है। डीआरएम ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि मंडल प्रशासन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित रेल संचालन के लिए लगातार ट्रैक आधुनिकीकरण पर काम कर रहा है।


