झांसी के जिला कारागार में सोमवार सुबह एक कैदी अल्लू उर्फ काशीराम (54) की मौत हो गई। उसे अचानक घबराहट हुई तो जेल के अंदर बने अस्पताल में ले जाया गया। जहां हालत और बिगड़ गई। आनन फानन में उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसे कुछ समय पहले ही लूट के मामले में 10 साल की सजा हुई थी। अभी नशीला पदार्थ का केस विचाराधीन चल रहा था। मृतक की बहन ने कहा कि 5 दिन पहले ही भाई अल्लू से मिली थी। तब वो ठीक था। अचानक उसकी मौत कैसे हो सकती है। उसे कोई बीमारी नहीं थी। 3 साल से जेल में बंद था अल्लू उर्फ काशीराम (54) पुत्र हन्नी था। वह सकरार थाना क्षेत्र के भिटौरा गांव का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार, उसके ऊपर करीब दो दशक पहले मध्य प्रदेश के दतिया में लूट का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद सकरार पुलिस ने उसे नशीला पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। कोर्ट में तारीख पर न जाने पर उसके वारंट जारी हो गए थे। लगभग 3 साल पहले वह पेश हो गया था। तब से झांसी जेल में बंद था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह अल्लू के सीने में अनाचक दर्द होने लगा। तब उसे जेल अस्पताल में दिखाया गया। डॉक्टर ने झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने कैदी अल्लू को मृत घोषित कर दिया। 5 दिन पहले बहन मिलने गई थी अल्लू की बहन तेजा झांसी में लहरगिर्द में रहती है। उसने बताया- करीब 5 दिन पहले ही अपने भाई अल्लू से तारीख पर मिली थी। तब वो ठीक था। आज मिलने के लिए जेल जाना था। उससे पहले ही सूचना आ गई कि अल्लू की तबीयत खराब है। फिर पता चला कि मौत हो गई। मेरा भाई बीमार नहीं था। वह कैसे मर सकता है। हमें पूरी रिपोर्ट दी जाए।


