सुपौल में नगर परिषद की बैठक:पुलिसकर्मी के घर दरवाजा तोड़कर घुसने और मारपीट का मुद्दा उठा, थानाध्यक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव

सुपौल में नगर परिषद की बैठक:पुलिसकर्मी के घर दरवाजा तोड़कर घुसने और मारपीट का मुद्दा उठा, थानाध्यक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव

सुपौल नगर परिषद कार्यालय के सभागार में सोमवार को बोर्ड की आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य पार्षद राघवेन्द्र झा राघव ने की। इस दौरान कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह सहित सभी वार्ड पार्षद उपस्थित रहे। बैठक में 15 मार्च की रात नगर परिषद के एक कर्मी के घर पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सदन में तीखी चर्चा हुई। बैठक के दौरान वार्ड पार्षद गगण ठाकुर ने सदन को बताया कि 15 मार्च की रात बिना किसी स्पष्ट कारण के सदर थाना पुलिस ने नगर परिषद के उच्च वर्गीय लिपिक मो. असजद आलम के घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान मो. असजद आलम, देवाशीष मिश्रा, संतोष कुमार, मुंतजीर अली समेत अन्य लोगों के साथ पुलिस ने मारपीट की और उन्हें थाने ले जाकर एक अंधेरे कमरे में बंद कर दिया। साथ ही पकड़े गए कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्य पार्षद सहित नगर परिषद के कई कर्मी सदर थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष से सभी को छोड़ने का आग्रह किया। साथ ही घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन पार्षदों के अनुसार उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बैठक में वार्ड पार्षद गगण ठाकुर ने पुलिस की इस कथित कार्रवाई को अमानवीय और अभद्र बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि इस मामले में नगर परिषद बोर्ड की ओर से निंदा प्रस्ताव पारित कर राज्य के गृह मंत्री और अन्य उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की जाए। पदाधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
सदन में चर्चा के बाद उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से सदर थानाध्यक्ष राम सेवक रावत समेत संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। साथ ही मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए बिहार के गृह मंत्री को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। मुख्य पार्षद ने बताया कि नगर परिषद के कार्यालय कर्मियों और सफाई कर्मियों ने घटना के विरोध में 16 मार्च से दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का आवेदन दिया है। बैठक में सदस्यों ने पुलिस विभाग द्वारा आयोजित बैठकों के बहिष्कार, संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने तथा मुख्य पार्षद के नेतृत्व में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराने का भी निर्णय लिया। बैठक के अंत में मुख्य पार्षद ने सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हुए बैठक की कार्रवाई समाप्त की। सुपौल नगर परिषद कार्यालय के सभागार में सोमवार को बोर्ड की आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य पार्षद राघवेन्द्र झा राघव ने की। इस दौरान कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह सहित सभी वार्ड पार्षद उपस्थित रहे। बैठक में 15 मार्च की रात नगर परिषद के एक कर्मी के घर पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सदन में तीखी चर्चा हुई। बैठक के दौरान वार्ड पार्षद गगण ठाकुर ने सदन को बताया कि 15 मार्च की रात बिना किसी स्पष्ट कारण के सदर थाना पुलिस ने नगर परिषद के उच्च वर्गीय लिपिक मो. असजद आलम के घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान मो. असजद आलम, देवाशीष मिश्रा, संतोष कुमार, मुंतजीर अली समेत अन्य लोगों के साथ पुलिस ने मारपीट की और उन्हें थाने ले जाकर एक अंधेरे कमरे में बंद कर दिया। साथ ही पकड़े गए कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्य पार्षद सहित नगर परिषद के कई कर्मी सदर थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष से सभी को छोड़ने का आग्रह किया। साथ ही घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन पार्षदों के अनुसार उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बैठक में वार्ड पार्षद गगण ठाकुर ने पुलिस की इस कथित कार्रवाई को अमानवीय और अभद्र बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि इस मामले में नगर परिषद बोर्ड की ओर से निंदा प्रस्ताव पारित कर राज्य के गृह मंत्री और अन्य उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की जाए। पदाधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
सदन में चर्चा के बाद उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से सदर थानाध्यक्ष राम सेवक रावत समेत संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। साथ ही मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए बिहार के गृह मंत्री को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। मुख्य पार्षद ने बताया कि नगर परिषद के कार्यालय कर्मियों और सफाई कर्मियों ने घटना के विरोध में 16 मार्च से दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का आवेदन दिया है। बैठक में सदस्यों ने पुलिस विभाग द्वारा आयोजित बैठकों के बहिष्कार, संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने तथा मुख्य पार्षद के नेतृत्व में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराने का भी निर्णय लिया। बैठक के अंत में मुख्य पार्षद ने सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हुए बैठक की कार्रवाई समाप्त की।  

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