सुपौल में नगर परिषद के एक कर्मी के घर देर रात पुलिस द्वारा की गई छापेमारी को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाई फेडरेशन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए घटना की निंदा की है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संघ के राज्य संगठन मंत्री सूरज कुमार सोनू ने सोमवार की शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नगर परिषद सुपौल के सम्मानित कर्मी अजद आलम उर्फ अपू के घर पर रात करीब 12 बजे पुलिस बल के साथ धावा बोलना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि बिना उचित कारण इस तरह से किसी कर्मचारी के घर छापेमारी करना और परिवार को परेशान करना सही नहीं है। पुलिस महानिदेशक से उच्चस्तरीय जां की मांग
सूरज कुमार सोनू ने बताया कि बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाई फेडरेशन इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी भर्त्सना करता है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री तथा पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा तो इससे कर्मचारियों का मनोबल टूटेगा और सरकारी कार्यों पर भी असर पड़ेगा। इसलिए सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द न्याय सुनिश्चित करना चाहिए। संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों को न्याय नहीं मिला तो राज्य स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। सूरज कुमार सोनू ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाई फेडरेशन की पांच सदस्यीय टीम मंगलवार को राज्य सरकार के वरीय मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करेगी। उन्होंने बताया कि बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि सरकार की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। फिलहाल इस मामले को लेकर नगर परिषद कर्मियों और संगठन के बीच आक्रोश का माहौल बना हुआ है। कर्मचारी इस घटना को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सुपौल में नगर परिषद के एक कर्मी के घर देर रात पुलिस द्वारा की गई छापेमारी को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाई फेडरेशन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए घटना की निंदा की है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संघ के राज्य संगठन मंत्री सूरज कुमार सोनू ने सोमवार की शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नगर परिषद सुपौल के सम्मानित कर्मी अजद आलम उर्फ अपू के घर पर रात करीब 12 बजे पुलिस बल के साथ धावा बोलना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि बिना उचित कारण इस तरह से किसी कर्मचारी के घर छापेमारी करना और परिवार को परेशान करना सही नहीं है। पुलिस महानिदेशक से उच्चस्तरीय जां की मांग
सूरज कुमार सोनू ने बताया कि बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाई फेडरेशन इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी भर्त्सना करता है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री तथा पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा तो इससे कर्मचारियों का मनोबल टूटेगा और सरकारी कार्यों पर भी असर पड़ेगा। इसलिए सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द न्याय सुनिश्चित करना चाहिए। संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों को न्याय नहीं मिला तो राज्य स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। सूरज कुमार सोनू ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाई फेडरेशन की पांच सदस्यीय टीम मंगलवार को राज्य सरकार के वरीय मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करेगी। उन्होंने बताया कि बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि सरकार की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। फिलहाल इस मामले को लेकर नगर परिषद कर्मियों और संगठन के बीच आक्रोश का माहौल बना हुआ है। कर्मचारी इस घटना को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


