संभल प्रशासन ने दो अवैध पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया है। ये लैब बिना वैध पंजीकरण और बाहरी बोर्ड के संचालित हो रही थीं। नगर मजिस्ट्रेट के निरीक्षण में अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने संभल कोतवाली क्षेत्र में चार घंटे तक बाइक से घूमकर कई पैथोलॉजी लैब का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दो ऐसी लैब को चिह्नित किया जो नियमों का उल्लंघन कर रही थीं। उक्त कार्रवाई दोपहर लगभग 1:30 बजे शुरू हुई और शाम 05 बजे तक चली है। पहला निरीक्षण मौहल्ला आलम सराय स्थित तिरंगा मार्केट में ‘लाइफ सेवर पैथोलॉजी लैब’ का किया गया। इस दुकान के बाहर पैथोलॉजी लैब का कोई बोर्ड नहीं लगा था। मौके पर ‘लाइफ सेवर पैथोलॉजी’, ‘डॉ. लाल पैथ लैब’ और ‘पैथकेयर’ के लेटर पैड मिले। लैब में विनय पुत्र राजपाल उपस्थित थे, जिन्होंने दुर्गेश सैनी को इसका मालिक बताया। लैब में पैथोलॉजी संबंधी उपकरण, लैपटॉप और सेल काउंटर मशीनें भी पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान लैब संचालक मौके पर उपस्थित नहीं हुए और न ही लैब संचालन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। नोडल क्वैक्स डॉ. मनोज चौधरी ने पुष्टि की कि ‘लाइफ सेवर पैथोलॉजी लैब’ का पंजीकरण मुख्य चिकित्सा अधिकारी, संभल के कार्यालय में नहीं है।
दूसरा निरीक्षण सैय्यद मार्केट रोडवेज़ के सामने स्थित ‘मैक्स पैथोलॉजी लैब’ का किया गया। इस लैब के बाहर भी कोई बोर्ड नहीं मिला। मौके पर ‘मैक्स पैथोलॉजी’, ‘मैक्स पैथ लैब’ और ‘एच.वाई. पैथो लैब’ के लेटर पैड मिले। लैब में रजा-उल हसन पुत्र मौ. शमी उपस्थित मिले, जिन्होंने मो. वसी को लैब का मालिक बताया। यहां भी पैथोलॉजी संबंधी उपकरण, कंप्यूटर और सेल काउंटर मशीनें मौजूद थीं। इस लैब के संचालक भी काफी देर इंतजार के बाद मौके पर नहीं आए और न ही कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत कर सके। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि अवैध रूप से संचालित लैब और क्लीनिक के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आज दो पैथोलॉजी लैब को नियमों के विपरीत कार्य करने पर सील किया गया है।


