परवन बांध मुआवजा: ग्रामीणों ने भेदभाव का आरोप लगाया:विधायक की अगुवाई में कलेक्टर को ज्ञापन, जांच का आश्वासन

परवन बांध मुआवजा: ग्रामीणों ने भेदभाव का आरोप लगाया:विधायक की अगुवाई में कलेक्टर को ज्ञापन, जांच का आश्वासन

झालावाड़ के खानपुर क्षेत्र में परवन बांध परियोजना के डूब क्षेत्र में आ रहे गांवों के ग्रामीणों ने मकानों के मुआवजे में भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सभी प्रभावितों को समान रूप से मुआवजा राशि मिलनी चाहिए। इसी संबंध में सोमवार शाम करीब 5 बजे खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर की अगुवाई में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। जिला कलेक्टर ने संबंधित राजस्व अधिकारी से बात कर मामले में फिर से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि खानपुर तहसील के अकावदकला में परवन नदी पर परवन बांध परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। बांध परियोजना के पूर्ण डूब क्षेत्र में आने वाले गांव खेरखेड़ा के 264 मकानों का पुनर्वास और विस्थापन किया जा रहा है।

खेरखेड़ा गांव के लिए सर्वे रिपोर्ट और पुरस्कार मूल्यांकन 2017 में किया गया था, लेकिन 2025 में वितरित मुआवजा अपर्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार, किसी को 20 हजार, किसी को 30 हजार तो किसी को 80 हजार रुपए का मुआवजा मिला है। वहीं, पास के गांव भीलखेड़ा के ग्रामीणों को 10 लाख, 15 लाख और 25 लाख रुपए तक का मुआवजा वितरित किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों गांव समान रूप से डूब क्षेत्र में हैं और दोनों गांवों के चेक एक ही तारीख को जारी हुए थे। खेरखेड़ा के ग्रामीण इस अपर्याप्त मुआवजे से असंतुष्ट हैं और चिंतित हैं कि इतनी कम राशि से नए आवासों का निर्माण कैसे होगा। ग्रामीणों ने बताया कि खेरखेडा गांव के सभी प्रभावित परिवारों का पुनः सर्वे रिपोर्ट व पुरष्कार मूल्यांकन 2025 से किया जाकर पुनर्वास व पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 के तहत सभी खेरखेडा गांव के प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। इस मामले में जिला कलेक्टर से बातचीत के बाद खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने बताया कि कलेक्टर ने उन्हें फिर से सर्वे के लिए आश्वस्त किया है, ऐसे में ग्रामीणों का फिर भी कोई नुकसान होता है तो वह ग्रामीणों के साथ आंदोलन करेंगे। 2 दिन पहले भी सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर दो दिन पहले भी वह शनिवार को मिनी सचिवालय आए थे, यहां तहसीलदार नरेंद्र मीना को अपनी मांगो का ज्ञापन सौंपा था। गौरतलब है कि खानपुर उपखण्ड क्षेत्र में हाड़ौती में बड़ा बांध बनाया जा रहा है इसमें कई गांवों की जमीनें डूब क्षेत्र में आने से इन ग्रामीणों को पास ही सुरक्षित स्थान पर बसाया गया था। हालांकि सरकारी मुवावजे से ग्रामीण सन्तुष्ट नहीं है। जबकि बांध निर्माणधीन है।

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