यूनाइटेड एयरलाइंस की महिला पायलट क्रैस्टन की दिलचस्प कहानी:9 की उम्र में पायलट बनने की ठानी, 22 में बिना डिग्री संभाला कॉकपिट; अब 18 हजार लोगों में सबसे सीनियर महिला अफसर हैं क्रैस्टन

यूनाइटेड एयरलाइंस की महिला पायलट क्रैस्टन की दिलचस्प कहानी:9 की उम्र में पायलट बनने की ठानी, 22 में बिना डिग्री संभाला कॉकपिट; अब 18 हजार लोगों में सबसे सीनियर महिला अफसर हैं क्रैस्टन

अमेरिका की 64 वर्षीय कैप्टन क्रैस्टन विल्सन दुनिया की दिग्गज यूनाइटेड एयरलाइंस के 18 हजार पायलटों में सबसे ‘सीनियर’ महिला पायलट बनने जा रही हैं। यह उपलब्धि बेहद खास है क्योंकि इस एयरलाइन के 100 साल के सफर में अब तक कोई महिला इस पद पर नहीं पहुंची। पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में, जहां आज भी महिला पायलटों की हिस्सेदारी महज 6% है, क्रैस्टन का यह सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उनका मुकाम यह साबित करता है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो बिना किसी कॉलेज डिग्री के भी कड़ी मेहनत के दम पर सालाना ₹3.70 करोड़ रुपए (4 लाख डॉलर) का पैकेज हासिल किया जा सकता है। पढ़िए इनके जीवन की कहानी… लिंगभेद की दीवार तोड़ी क्रैस्टन के सफर की शुरुआत 9 साल की उम्र में हुई, जब उन्होंने पहली बार हवाई जहाज की खिड़की से दुनिया को देखा था। वे बताती हैं, ‘तब मेरे पिता मुझे फोटोग्राफी के लिए एक छोटी हवाई यात्रा पर ले गए थे। मैं उस दिन बहुत खुश होकर मुस्कुरा रही थी।’ पिता ने खुशी का कारण पूछा, तो क्रैस्टन का जवाब सीधा और स्पष्ट था, ‘बड़ी होकर मैं यही काम करूंगी।’ हालांकि तब उन्हें किसी ने ये नहीं बताया था कि लड़कियां अक्सर पायलट नहीं बनती, इसलिए क्रैस्टन ने कभी असंभव नहीं माना। पहली बार आवेदन देते हुए असफल होने का डर था क्रैस्टन ने कॉलेज में पढ़ाई के साथ उड़ान का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। उन्होंने स्टूडेंट पायलट सर्टिफिकेट, प्राइवेट पायलट लाइसेंस और अन्य उड़ान प्रमाणपत्र हासिल किए। रोचक बात यह है कि इसके लिए उन्हें तब किसी पारंपरिक डिग्री की जरूरत नहीं पड़ी। उनका ‘फ्लाइंग आवर्स’ ही असली डिग्री बना। क्रैस्टन के मुताबिक पहली बार नौकरी के लिए जब उनके एक छात्र ने उन्हें एयरलाइंस का आवेदन पत्र दिया, तो उन्हें अपनी सफलता पर शक था। विल्सन कहती हैं, ‘मुझे लगा था कि मेरा चुना जाना नामुमकिन है’। लेकिन 22 साल की उम्र में उनकी काबिलियत ने उन्हें कॉकपिट तक पहुंचा दिया। फिर को-पायलट, पायलट का सफर तय करते हुए 31 साल से कैप्टन हैं। त्योहारों में घर से दूर रहीं, बच्चों के जन्मदिन में शामिल नहीं हो सकी क्रैस्टन का शीर्ष पर पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। वे बताती हैं कि शुरुआती दिनों में उन्हें परिवार से दूर रहना पड़ता था। वे कहती हैं, ‘पायलट होने का मतलब है कि आप बच्चों के जन्मदिन और उनके मैच मिस करेंगे। अगर आप हर त्योहार पर घर रहना चाहते हैं, तो शायद यह क्षेत्र आपके लिए नहीं है।’ आज वे बोइंग 787 उड़ाती हैं और महीने में 12 दिन हवाई यात्रा में गुजरते हैं। उनका अपने क्रू से बस एक ही मंत्र होता है, ‘हमें इतनी सुरक्षित लैंडिंग करनी है कि अगले दिन खबरों में नहीं, बल्कि मुसाफिरों के दिलों में जगह मिल सके।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *