संभल : संभल जिले के किसान बंदरों के आतंक से परेशान हैं। बंदर और अन्य जानवर किसानों की फसल को बर्बाद कर रह दे रहे हैं। बंदरों से फसल को बचाने के लिए किसानों ने भालू की पोशाक पहननी शुरू कर दी। किसानों का कहना है कि मजबूरी में हम लोगों ने यह तरीका अपनाया है। क्योंकि हमारे इलाके में बंदर एक बहुत बड़ी मुसीबत बन गए हैं। आलू और स्ट्रॉबेरी जैसी कई फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
किसान धरमवीर ने ANI को बताया कि, संभल जिले के फिरोजपुर गांव में किसान बंदरों का काफी आतंक है। बंदरों की वजह से सारी फसल नष्ट कर दे रहे हैं। इससे मजबूर होकर किसान भालू को पोशाक पहनकर बंदरों को भगाते हैं। धरमवीर ने आगे बताया कि गांव में कम से कम तीन से चार लोगों ने ऐसी पोशाकें मंगवाई हैं। किसान इसे पहनकर खेतों में घूमते हैं। इस तरह की वेशभूषा पहनकर जब किसान घूमते हैं तो बंदर भाग जाते हैं।
फॉरेस्ट रेंजर ने दिया भरोसा
इस मामले पर स्थानीय फॉरेस्ट रेंजर मनोज कुमार ने कहा कि बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि केवल किसी एक जगह से बंदरों को भगाने से समस्या खत्म नहीं होती, क्योंकि वे दूसरी जगह जाकर फिर से परेशानी पैदा करने लगते हैं।
मनोज कुमार ने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी अभी नहीं है, लेकिन उन्हें इसकी सूचना मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन विभाग इस समस्या को गंभीरता से ले रहा है और बंदरों को पकड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगा।
सुरक्षित जंगल में छोड़े जाना ही विकल्प
उन्होंने आगे कहा कि अगर बंदरों को सिर्फ एक स्थान से हटाया जाता है तो वे दूसरी जगह पहुंच जाते हैं, इसलिए जरूरी है कि उन्हें पकड़कर सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जाए। वन विभाग ने भरोसा दिलाया है कि इस संबंध में जो भी निर्देश मिलेंगे, उनके अनुसार कार्रवाई करते हुए बंदरों को पकड़ने के प्रयास किए जाएंगे।


