नीमच जिले के ग्राम डासिया में एक दलित परिवार पर हमला हुआ है। खेत से चने उखाड़ने के विवाद में हुए इस हमले में प्रेमचंद, उनकी पत्नी मोहन बाई और पुत्री नीतू गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की कथित लापरवाही से असंतुष्ट पीड़ित परिवार सोमवार दोपहर न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन सौंपा। इसमें बताया गया कि 15 मार्च को गांव के मोहनसिंह और बाबुसिंह ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर परिवार पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में प्रेमचंद, मोहन बाई और नीतू को गंभीर चोटें आईं। पीड़ित भैरूलाल मोगिया ने आरोप लगाया कि विवाद की शुरुआत 26 फरवरी को हुई थी। उस दिन मोहनसिंह और बाबुसिंह ने उनके घर में घुसकर बहन नीतू के साथ मारपीट की और जातिसूचक गालियां दी थीं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने उस समय अजाक थाने और सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की। इसी रंजिश के चलते 15 मार्च को यह हमला हुआ। पीड़ित परिवार ने अब एसपी से आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की भी गुहार लगाई है। इसके साथ ही, अजाक थाना प्रभारी की भूमिका की जांच की मांग की गई है, ताकि प्रारंभिक शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने का कारण स्पष्ट हो सके। सिटी थाना प्रभारी पुष्पा चौहान ने बताया कि प्रेमचंद पिता दौलतराम बावरी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मोहन सिंह पिता बाबू सिंह राजपूत और अर्जित सिंह पिता मोहनसिंह के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है। फिलहाल जिला अस्पताल में घायलों की स्थिति स्थिर बनी हुई है। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।


