शेखपुरा में गुमटी में लगी आग,1.65 लाख की संपत्ति राख:फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले सब जला,गश्त के दौरान पुलिस टीम ने देखा

शेखपुरा में गुमटी में लगी आग,1.65 लाख की संपत्ति राख:फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले सब जला,गश्त के दौरान पुलिस टीम ने देखा

शेखपुरा के नगर थाना क्षेत्र में एकसारी बीघा गांव के पास शेखपुरा-चेवाड़ा मुख्य सड़क पर स्थित एक गुमटी में आग लगने से लगभग 1.65 लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। यह घटना बीती मध्य रात्रि को हुई, जब गुमटी बंद थी। नगर थाना की पुलिस सब इंस्पेक्टर कुमारी शुभम सिंहा ने बताया कि रात्रि गश्त के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल पर गुमटी को आग में जलते देखा। तत्काल अग्निशमन केंद्र शेखपुरा को सूचना दी गई, लेकिन दमकल दस्ते के पहुंचने से पहले ही गुमटी पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। गुमटी संचालक की पहचान एकसारी बीघा गांव निवासी भगीरथ यादव के पुत्र अधिक यादव के रूप में हुई है। वह अपनी गुमटी में चाय-नाश्ते के सामान, बिस्कुट और सिगरेट आदि बेचता था। अधिक यादव ने इस घटना में 1.65 लाख रुपये की क्षति का उल्लेख करते हुए स्थानीय थाना पुलिस को एक लिखित आवेदन दिया है। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। दुकानदार अधिक यादव ने जिला प्रशासन से सरकारी सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई है, क्योंकि वह इसी गुमटी से अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। शेखपुरा के नगर थाना क्षेत्र में एकसारी बीघा गांव के पास शेखपुरा-चेवाड़ा मुख्य सड़क पर स्थित एक गुमटी में आग लगने से लगभग 1.65 लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। यह घटना बीती मध्य रात्रि को हुई, जब गुमटी बंद थी। नगर थाना की पुलिस सब इंस्पेक्टर कुमारी शुभम सिंहा ने बताया कि रात्रि गश्त के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल पर गुमटी को आग में जलते देखा। तत्काल अग्निशमन केंद्र शेखपुरा को सूचना दी गई, लेकिन दमकल दस्ते के पहुंचने से पहले ही गुमटी पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। गुमटी संचालक की पहचान एकसारी बीघा गांव निवासी भगीरथ यादव के पुत्र अधिक यादव के रूप में हुई है। वह अपनी गुमटी में चाय-नाश्ते के सामान, बिस्कुट और सिगरेट आदि बेचता था। अधिक यादव ने इस घटना में 1.65 लाख रुपये की क्षति का उल्लेख करते हुए स्थानीय थाना पुलिस को एक लिखित आवेदन दिया है। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। दुकानदार अधिक यादव ने जिला प्रशासन से सरकारी सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई है, क्योंकि वह इसी गुमटी से अपने परिवार का भरण-पोषण करता था।  

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