TET protest Delhi: टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षक संगठनों ने आंदोलन का ऐलान किया है। इसी क्रम में 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन में छत्तीसगढ़ से लगभग 25 हजार शिक्षक शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
TET protest Delhi: रायपुर में हुई शिक्षक संगठनों की बैठक
आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए रायपुर में विभिन्न शिक्षक संगठनों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षक नेता केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविंद्र राठौर और जाकेश साहू सहित कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने टीईटी की अनिवार्यता को लेकर नाराजगी जताते हुए आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की।
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आंदोलन
यह आंदोलन टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार सभी शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। आदेश के मुताबिक यदि कोई शिक्षक दो वर्ष के भीतर टीईटी पास नहीं करता, तो उसकी नौकरी पर संकट आ सकता है। इस फैसले को लेकर देशभर के शिक्षकों में असंतोष है।
राज्य में 82 हजार शिक्षक टीईटी पास नहीं
बैठक में जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ में करीब 82 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक टीईटी उत्तीर्ण नहीं किया है। इनमें से अधिकतर शिक्षकों की नियुक्ति उस समय हुई थी जब टीईटी अनिवार्य नहीं था। आंदोलन की तैयारियों को मजबूत करने के लिए 21 मार्च को सभी जिलों में और 24 मार्च को 146 विकासखंडों में समन्वय बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगा नियम
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार यह नियम वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगा। ऐसे शिक्षकों को नियुक्ति के दो वर्षों के भीतर टीईटी पास करना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस आदेश का पालन देश के सभी राज्यों को करना होगा।
हाई कोर्ट में भी लंबित है याचिका
उधर, इसी मुद्दे से जुड़ी एक याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, बिलासपुर में भी लंबित है। इसमें शिक्षकों ने टीईटी को पदोन्नति में अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है। इस मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है।


