राजनांदगांव के मोहारा क्षेत्र में ‘गौ आरोग्यम’ नाम से एक आधुनिक गौशाला की शुरुआत की जा रही है। यह पशु संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस केंद्र में सड़कों पर बीमार और दुर्घटनाग्रस्त गायों को आश्रय मिलेगा, जहाँ उनका व्यवस्थित इलाज इंसानों की तरह किया जाएगा। इस पहल के तहत, प्रत्येक बीमार गाय का मेडिकल रिकॉर्ड रखने के लिए एक ‘फाइल’ बनाई जाएगी। इससे उनके स्वास्थ्य और उपचार की सटीक निगरानी संभव हो सकेगी। यह केंद्र 15 हजार स्कवेर फीट में फैला है और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। संस्था 2017 से कर रही है पशुओं का इलाज गौशाला में 24 घंटे केयरटेकर मौजूद रहेंगे। डॉक्टरों की एक टीम सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उपचार के लिए उपलब्ध रहेगी। परिसर में 24 घंटे ‘गायत्री मंत्र’ का जाप गूंजेगा, जिससे एक शांत वातावरण बना रहेगा। इस पहल से आवारा पशुओं को उचित उपचार मिल सकेगा, जिससे शहर की सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। यह केंद्र ‘जीवरत्नम फाउंडेशन’ द्वारा संचालित है। फाउंडेशन के अध्यक्ष नमन मुणोत और सचिव जैनम बैद ने बताया कि उनकी संस्था 2017 से बीमार और घायल मवेशियों का मौके पर जाकर उपचार कर रही है। गौ आरोग्यम केंद्र को ‘भगवान महावीर’ और ‘कृष्ण की छाया’ नामक दो शेड में विभाजित किया गया है।


