गैस सिलेंडर का विकल्प खोजने में जुटे लोग, लकड़ी एवं कोयले से खाना बनाने की तैयारी

गैस सिलेंडर का विकल्प खोजने में जुटे लोग, लकड़ी एवं कोयले से खाना बनाने की तैयारी

-घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरु

सिवनी. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले की वजह से जिले में होटल, रेस्टोरेंट संचालकों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जा रही है। अधिकतर गैस एजेंसियों का स्टॉक खत्म हो गया है। कुछ एजेंसियों ने आवश्यक सेवाओं के लिए स्टॉक रखा हुआ है। जिन्हें अस्पताल, जेल, छात्रावास एवं अन्य संस्थाओं में दिया जा रहा है। हालांकि एक से दो दिन बाद संकट शुरु हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ ढाबों, रेस्टोरेंट, होटलों में अब आपूर्ति नहीं की जा रही है। कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर अघोषित रोक से होटल-रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन जगहों पर पहले से रखे हुए कामर्शियल सिलेंडर प्रयोग में लाया जा रहा है। कुछ होटल संचालकों ने घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करना शुरु कर दिया है। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरु हो गई है। वहीं दूसरी तरफ इमरजेंसी को देखते हुए लोगों ने गैस सिलेंडर का विकल्प तलाशना शुरु कर दिया है। जिला जेल प्रबंधन ने दो बड़ी भट्टी तैयार कराई है। अगर सिलेंडर की आपूर्ति बाधित हुई तो जेल प्रबंधन कैदियों के लिए लकड़ी से खाना बनवाएगा। वहीं जेलर ने प्रशासन, गैस एजेंसी एवं मुख्यालय को पत्र भी लिखा है। जिसमें कहा गया है कि जेल में गैस सिलेंडर की आपूर्ति होना जरूरी है। यह अति आवश्यक सेवाओं में आता है और प्रतिदिन जेल में 300 से अधिक कैदियों को खाना बनाने के लिए जरूरी है।

आसपास के जिलों से मंगा रहे कोयला
होटल संचालकों ने गैस सिलेंडर के विकल्प के रूप में कोयला से खाना बनाने को लेकर तैयारी शुरु कर दी है। छिंदवाड़ा सहित आसपास के जिलों से कोयला की भारी डिमांड है। वहीं लकड़ी पर भी खाना बनाने के लिए संचालकों ने मन बना लिया है। इसकी प्रक्रिया भी शुरु कर दी है। शहर में लकड़ी और कोयला की भट्टी बनाने वाले कारीगरों की पूछताछ शुरु हो गई है।

इंडक्शन चूल्हा की भी धड़ल्ले से बिक्री शुरु
बाजार में इंडक्शन चूल्हा की बिक्री भी शुरु हो गई है। लोगों का कहना है कि अगर सिलेंडर मिलना बंद हुआ तो फिर वे इसी पर खाना बना सकेंगे। कई दुकानदार इस मौके का भी फायदा उठा रहे हैं।

अधिकतर जगह लकड़ी का सहारा
कामर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति ठप होने से सबसे ज्यादा समस्या शादी समारोह में पड़ रही है। यहां धड़ल्ले से घरेलू गैस का उपयोग किया जा रहा है। वहीं लकड़ी और कोयले से भी खाना पकाया जा रहा है।

जिन्हें जरूरत नहीं वे भी करा रहे हैं बुकिंग
बुधवार को गैस एजेंसियों के पास पूरे दिन उपभोक्ताओं के फोन घनघनाते रहे। एजेंसी संचालकों का कहना है कि कई उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने पांच से छह माह पहले गैस बुक कराई थी, लेकिन अब वे भी गैस के लिए बुकिंग करा रहे हैं। बारापत्थर निवासी योगेश ने बताया कि उन्होंने 8 दिन पहले गैस की बुकिंग कराई थी, लेकिन अब तक घर पर गैस नहीं पहुंची है।

कई सामानों के दामों में भी भारी वृद्धि
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति में व्यवधान के कारण प्लास्टिक के कच्चे सामान के दामों में भी 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। बैग बनाने वाले सामान, ड्रिप इरीगेशन, पीवीसी के पाइप सहित अन्य सामान शामिल हैं। ऐसे में व्यापारियों के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है।

आयात पर निर्भरता से बढ़ी मुश्किल
पीवीसी पाइप बनाने में इस्तेमाल होने वाला अधिकतर कच्चा माल आयात पर निर्भर है। व्यापारियों के अनुसार युद्ध के कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते पीवीसी के पाइप की कीमत बढ़ा दी गई है। इसके अलावा कृषि उपकरणों में उपयोग होने वाले लोहे के सामानों के दामों में भी वृद्धि हुई है।

ओटीपी बताने पर ही होगा मान्य
सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। गैस तभी बुक हो सकेंगे जब गैस एजेंसी को उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड नंबर पर आने वाला ओटीपी बताएंगे। डिलेवरी कोड न बताने पर गैस बुकिंग नहीं हो पाएगी। जिनके बिल जनरेट होंगे उन्हीं को ही सिलेंडर मिल पाएगा।

डिलीवरी के 25 दिन बाद बुकिंग
नए नियमों के तहत अब कार्डधारकों को माह में सिर्फ एक गैस सिलेंडर ही मिलेगा। डिलीवरी के 25 दिन बाद बुकिंग की जाएगी। सिलेंडर की डिलीवरी का समय भी सात दिन कर दिया गया है।

35 हजार से अधिक उपभोक्ता
जिले में 22 गैस एजेंसी संचालित है। वहीं उपभोक्ताओं की संख्या 353987 है। इसमें उज्ज्वला, घरेलू, कमर्शियल सभी शामिल हैं। वर्तमान में जिले में पर्याप्त घरेलू गैस की आपूर्ति होने की बात कही जा रही है। हालांकि घरों तक सात से आठ दिन बाद ही डिलीवरी हो पा रही है।

इनका कहना है…
जिले में घरेलू गैस सिलेंडर का प्रर्याप्त स्टॉक मौजूद है। किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार के निर्देश के अनुसार डिलीवरी के 25 दिन बाद घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग होगी। कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई फिलहाल बंद की गई है।
मनोज पुराविया, जिला आपूर्ति अधिकारी

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