कानून-व्यवस्था और फोर्स मूवमेंट में आ रही दिक्कतों के चलते कार्रवाई, कई थाना क्षेत्रों की सूची तैयार
शहर की संकरी गलियों में फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। निगम द्वारा पहले इन गलियों का सर्वे कराया जा रहा है, जिसके आधार पर एक जोनल प्लान तैयार किया जाएगा। अभी पुलिस ने 35 संवेदनशील इलाके की लिस्ट निगम को दी है। सर्वे पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी और इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। जानकारी के अनुसार नगर निगम ने शहर के सभी 25 जोनों में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है और अगले एक माह में सर्वे पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
दरअसल, हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए थे कि ऐसी बस्तियों की पहचान की जाए जहां गलियां अत्यधिक संकरी हैं और किसी आपात स्थिति में पुलिस बल या राहत दल के पहुंचने में दिक्कत आती है। इसी के तहत कलेक्टर, पुलिस और नगर निगम के समन्वय से संवेदनशील क्षेत्रों में सर्वे कर जोनल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी पुलिस ने निगम को 35 संवेदनशील इलाके की लिस्ट दी है।
कई थाना क्षेत्रों में चिन्हित हुईं गलियां
नगर निगम और पुलिस ने शहर के कई थाना क्षेत्रों में ऐसी गलियों की सूची तैयार की है जहां मकानों के बाहर अवैध रूप से सीढिय़ां, चबूतरे और अन्य निर्माण कर रास्ते को संकरा कर दिया गया है। इनमें प्रमुख रूप से विश्वविद्यालय, जनकगंज, इंदरगंज, माधौगंज और कम्पू थाना क्षेत्र शामिल हैं। प्रमुख स्थानों में इमली नाका से तांगा वाला मोहल्ला, हुरावली क्षेत्र, सिरोल गली नंबर-2, महलगांव से सिंघिया नगर पहाडिय़ा मार्ग, तारागंज, डोली बुआ का पुल से बजरिया मार्ग, जलाल खान की गोठ से सुभाष पार्क मार्ग, धोबीघाट से सत्यनारायण टेकरी मार्ग और आपागंज से पंचमुखी हनुमान मंदिर मार्ग शामिल हैं।
चबूतरे और सीढिय़ां हटेंगी
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कई जगह लोगों ने मकानों के बाहर सीढिय़ां और चबूतरे बनाकर गलियों को काफी संकरा कर दिया है। कई स्थानों पर दोनों ओर अतिक्रमण होने से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे अतिक्रमणों को हटाकर गलियों को चौड़ा और सुगम बनाया जाएगा।
पुलिस और निगम की संयुक्त कार्रवाई
अभियान पुलिस प्रशासन के सहयोग से चलाया जाएगा। पहले संबंधित लोगों को नोटिस देकर स्वयं अतिक्रमण हटाने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी। प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य गलियों को सुगम बनाना और आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस के लिए रास्ता सुनिश्चित करना है।
35 संवेदनशील इलाके शामिल
पुलिस की लिस्ट में 35 संवेदनशील इलाके शामिल हैं, जहां मकानों के बाहर सीढिय़ा, चबूतरे, दुकानें और हाथ ठेले बनाकर गलिया अत्यधिक संकरी कर दी गई हैं। इनमें गिरवाई (गड्डे वाला मोहल्ला), सिरोल, फूटी कॉलोनी), विश्वविद्यालय महलगांव, जनकगंज तारागंज, ढोली बुआ का पुल, इंदरगंज, जलाल खान की गोठ, नई सडक़, घोबीघाट, गाधोगंज (आपागंज), कम्पू अवाडपुरा, गेडे वाला मोहल्ला, घांसी रोड, बहोडापुर, थाडीपुर, मुरार आदि थाना क्षेत्र शामिल हैं।
पूर्व में भी फुटपाथों,अतिक्रमण हटाने के लिए आया था प्लान
संचालनालय प्रशासन एवं विकास ने पूर्व में भी ग्वालियर में बने फुटपाथों के ऑडिट, सडक़ों से अतिक्रमण हटाने और फुटपाथ के लिए जीआईएस सर्वे शुरू कराने के लिए निगम को पत्र भेजा था। तीन महीने में रोड मैप बनाकर शासन को पहुंचाना है। इसे दो कैटेगरी में बनाया जाएगा। इसमें प्रथम कैटेगरी में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए तीन माह का रोडमैप और दूसरी कैटेगरी में फुटपाथों एवं अतिक्रमण का जीआईएस आधारित मैपिंग होना है। वहीं जिला सडक़ सुरक्षा समिति इस मामले की हर महीने समीक्षा करेगी।
शासन से प्राप्त पत्र के बाद सकरी गलियों से अतिक्रमण हटाने के लिए सर्वे शुरू करा दिया गया है। एक माह के भीतर पूरी रिपोर्ट तैयार कर भोपाल भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पहले नोटिस देकर लोगों को स्वयं हटाने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया तो निगम की टीम पुलिस के सहयोग से सख्त कार्रवाई करेगी।
संघप्रिय, आयुक्त नगर निगम


