Lucknow Division Weather Latest Update: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। उत्तरी भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहे और कई जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिली। इस मौसमी बदलाव के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को पिछले कुछ दिनों से पड़ रही हल्की गर्मी से राहत मिली है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पंजाब के ऊपर संकेन्द्रित पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी हरियाणा क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण प्रदेश के उत्तरी तराई इलाकों और मध्यवर्ती जिलों में पछुआ और पुरवा हवाओं के आपसी प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखने को मिला। बीती रात से ही कई स्थानों पर रुक-रुक कर हल्की वर्षा और तड़ित झंझावात की स्थिति बनी रही, जिसके चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
तराई और आसपास के जिलों में दिखा सबसे ज्यादा असर
मौसम के इस बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में देखने को मिला। लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, पीलीभीत और आसपास के कई जिलों में देर रात से बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में भी मौसम में बदलाव देखा गया। सुबह के समय आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को मौसम सुहावना महसूस हुआ। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इस समय उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम अस्थिर बना हुआ है और इसी कारण प्रदेश में भी बादल, हल्की वर्षा और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल रहा है।

तापमान में आई गिरावट
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा था और कई जिलों में हल्की गर्मी का अहसास होने लगा था। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुई हल्की वर्षा और बादलों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई है। इसके अलावा रात के तापमान में भी हल्की कमी आई है, जिससे मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना महसूस हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बादलों और बारिश के कारण फिलहाल प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने की संभावना कम हो गई है।
16 मार्च तक बना रहेगा मौसमी तंत्र का असर
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में सक्रिय यह मौसमी तंत्र 16 मार्च तक प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान कुछ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि इसके बाद 17 और 18 मार्च के दौरान मौसम के शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान आसमान साफ रहने के कारण तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दो दिनों में दिन का तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है, जिससे हल्की गर्मी का अहसास फिर से होने लगेगा।
19 मार्च से फिर बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार 19 मार्च से एक नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से वर्षा का एक नया दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। यह मौसमी प्रणाली धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में प्रभाव दिखा सकती है और 21 मार्च तक कई जिलों में बारिश की संभावना बनी रह सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार इस संभावित वर्षा के कारण तापमान में एक बार फिर गिरावट आ सकती है और तापमान सामान्य के आसपास पहुंच सकता है।
किसानों के लिए लाभदायक हो सकती है बारिश
मौसम में आए इस बदलाव को कृषि विशेषज्ञ किसानों के लिए सकारात्मक मान रहे हैं। उनका कहना है कि इस समय हल्की वर्षा होने से गेहूं और अन्य रबी फसलों को लाभ मिल सकता है। हालांकि तेज बारिश या ओलावृष्टि की स्थिति बनने पर फसलों को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए किसानों को मौसम विभाग की चेतावनियों और अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
मौसम विभाग ने दी सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने प्रदेश के लोगों को तड़ित झंझावात और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
बदलते मौसम से लोगों को राहत
पिछले कुछ दिनों से बढ़ते तापमान के कारण लोगों को हल्की गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अचानक मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को राहत मिली है। ठंडी हवाओं और बादलों के कारण सुबह और शाम का मौसम सुहावना हो गया है। कई स्थानों पर हल्की बारिश होने से वातावरण में ताजगी भी महसूस की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च के महीने में पश्चिमी विक्षोभ के कारण इस तरह के मौसम परिवर्तन सामान्य बात है। आने वाले दिनों में भी प्रदेश के मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

कुल मिलाकर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। हल्की वर्षा, गरज-चमक और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को राहत मिली है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार 19 मार्च से फिर एक नया मौसमी तंत्र सक्रिय हो सकता है, जिसके कारण प्रदेश के कई जिलों में एक बार फिर वर्षा की संभावना बनी हुई है।


