अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) और ईरान (Iran) के बीच चल रहा युद्ध अभी भी जारी है। आज इस युद्ध का 17वां दिन है। इस युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट (Middle East) में तबाही मच चुकी है। ईरान को इस युद्ध की वजह से काफी नुकसान हुआ है। हालांकि युद्ध की वजह से इज़रायल और अमेरिका के सहयोगी मिडिल ईस्ट देशों में भी जान-माल का नुकसान हुआ है। अमेरिकी सैनिक भी इस युद्ध में मारे गए हैं। अमेरिका और इज़रायल के हमलों का ईरान भी डटकर जवाब दे रहा है। इस युद्ध के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक से ज़्यादा बार कह चुके हैं कि ईरान युद्ध को रोकने के लिए बातचीत करना चाहता है। ट्रंप के इस बयान पर ईरान की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आ गई है।
अमेरिका-इज़रायल के सामने नहीं झुकेगा ईरान
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि उनका देश सीज़फायर की डिमांड नहीं कर रहा है। अराघची ने यह भी कहा कि ईरान इस युद्ध के विषय में शांति वार्ता या किसी समझौते की भी कोशिश नहीं कर रहा है। अराघची ने साफ कर दिया कि अमेरिका-इज़रायल के सामने ईरान नहीं झुकेगा।
जितना समय लगे…युद्ध लड़ने के लिए तैयार
अराघची ने ईरान के खिलाफ इस युद्ध को पूरी तरह से गलत और अवैध बताया। अराघची ने यह भी साफ कर दिया कि उनके देश ने युद्ध शुरू नहीं किया था, लेकिन उन्होंने इसे खत्म करने की गुहार भी नहीं लगाई है। जितना भी समय लगे, ईरान इस युद्ध को लड़ने और अमेरिका-इज़रायल के खिलाफ अपनी रक्षा करने के लिए तैयार है।


