पोस्टमार्टम के इंतजार में 36 घंटे से सड़ रही बॉडी:10 गोली मारकर मर्डर; मामा बोले- डॉक्टर ने आधी-अधूरी सिलाई छोड़ी, दुर्गंध आ रही

पोस्टमार्टम के इंतजार में 36 घंटे से सड़ रही बॉडी:10 गोली मारकर मर्डर; मामा बोले- डॉक्टर ने आधी-अधूरी सिलाई छोड़ी, दुर्गंध आ रही

“चार जगह से बॉडी को चीर कर तीन बुलेट अंदर से निकाला गया है। पोस्टमॉर्टम के दौरान शरीर में आधी-अधूरी सिलाई की गई है। बॉडी का पार्ट निकला हुआ है। बॉडी से दुर्गंध आ रही है। पोस्टमार्टम हाउस में किसी भी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। 36 घंटे से भागलपुर में बॉडी सड़ रही है।” ये कहना मृतक सतीश कुमार के मामा मनोज कुमार का है। जो सहरसा से भांजे की डेड बॉडी को लेकर भागलपुर पहुंचे हैं। दरअसल, सहरसा के सदर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात बाइक सवार पांच अपराधियों ने थार गाड़ी में बैठे सतीश झा पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। बदमाशों ने करीब 20 से अधिक राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से करीब 10 गोलियां सतीश को लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के मामा मनोज ने बताया कि बॉडी को सहरसा से भागलपुर लाने में काफी परेशानी हुई। जो काम सहरसा में हो सकता था। उसी काम को करने के लिए अपराधी से मिले रहने के कारण हमें भागलपुर पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा गया है। प्रशासन बदमाशों से मिली हुई है। पोस्टमार्टम हाउस में ना कागज दिया गया है, ना पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जब हम लोगों ने डॉक्यूमेंट की मांग की तो अधिकारियों ने कहा कि आज संडे है, पोस्टमार्टम नहीं होगा। सोमवार को भी पता नहीं पोस्टमार्टम किया जाएगा या नहीं। यहां बॉडी पिछले 36 घंटे से सड़ रही है और अधिकारी बैठे हुए हैं। पोस्टमार्टम नहीं होने से परिजन नाराज बता दें कि शनिवार की देर रात डेड बॉडी को भागलपुर के मायागंज अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। पिछले 36 घंटे से बॉडी भागलपुर में एंबुलेंस में पड़ी है। 36 घंटे तक परिजनों ने इंतजार किया, लेकिन पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे तक नहीं बढ़ी। इसके बाद परिजन नाराज हो गए। रविवार शाम में उन्होंने अपनी नाराजगी जताई। फिर रविवार रात वह सहरसा के लिए बॉडी को भागलपुर के पोस्टमार्टम हाउस में छोड़कर रवाना हो गए। मामा का कहना है कि मृतक भांजा ठेकेदार था, बिजनेस कर किसी तरह अपने घर का भरण-पोषण करता था। एक गोलू यादव नाम का व्यक्ति है, जो इसके अगेंस्ट में काम करता था। उससे इसकी अक्सर कहासुनी होती थी और वो जान से मारने की धमकी देता था। घर पर सभी परिजन बॉडी आने का इंतजार कर रहे हैं और यहां पर डेड बॉडी सड़ रहा है। मृतक का शरीर लगभग 40% गला पोस्टमार्टम के बिना बॉडी को ले जाने भी नहीं दिया जाएगा, इसलिए हम बॉडी को छोड़ कर घर वापस लौट रहे है। मृतक का शरीर लगभग 40% गल चुका है। डेड बॉडी के पास रह कर हमारी तबीयत खराब हो जाएगी। घर पर मां, भाई-बहन सभी लोग हैं और सभी की हालत खराब है। मामले पर अस्पताल अधीक्षक अबुलेश कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई। तो उसके घर के किसी सदस्य ने फोन रिसीव किया और कहा कि तीन दिन बाद फोन करिएगा। पिता बोले- हमने पोस्टमार्टम से किया था इनकार इधर, सहरसा नगर निगम के विद्यापति नगर वार्ड-19 निवासी मृतक के पिता जागेश्वर झा ने कहा कि शुक्रवाररात 10:30 बजे मेरे बेटे को कई गोलियां से छल्ली कर दिया गया। बेटे के मौत के बाद हमने पुलिस प्रशासन से कहा था कि हमें पोस्टमार्टम नहीं करना है, लेकिन फिर भी पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम करना आवश्यक है और सुबह तक में पोस्टमार्टम हो जाएगा। लेकिन शनिवार को पोस्टमार्टम में सिर्फ दो गोलियां निकली। डॉक्टर ने कहा कि एक्स-रे मशीन में गोलियां शरीर अंग में इधर-उधर घसक जा रही है, जिस वजह से गोली मिल नहीं रही है और ऐसे में सदर अस्पताल के डॉ मो जमालउद्दीन ने शरीर में कई जगह चीरा लगाकर बुलेट निकालने का प्रयास किया। लेकिन गोली नहीं निकल सकी। ऑपरेटर नहीं होने का हवाला देकर पोस्टमार्टम से इनकार सिर में छाती पेट और पैर में कई जगहों पर चीरा लगाने के बावजूद भी गोली नहीं निकल सकी। सदर अस्पताल में सीआर मशीन रहने के बावजूद भी ऑपरेटिंग सिस्टम करने वाले ऑपरेटर नहीं होने का हवाला देकर सहरसा में पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। ऐसे में आनन फानन में सदर अस्पताल से उसे भागलपुर रेफर करवा दिया गया। रविवार को भागलपुर मेडिकल कॉलेज में डेड बॉडी एंबुलेंस में ही पड़ी हुई है। उन्होंने मेडिकल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके बेटे के बॉडी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार सतीश झा विद्यापति नगर के रहने वाले जमीन कारोबारी करण टाइगर की सरेआम विद्यापति नगर मोहल्ले में ही 7 साल पहले की गई हत्या के आरोप में जेल गया था। छोटू भी जमीन के धंधे से जुड़ा था। उसका आपराधिक चरित्र रहा है। पहले जानिए सतीश झा की हत्या कैसे हुई अपराधियों ने शुक्रवार की रात मीरा सिनेमा के सामने सतीश झा को गोलियों से भून दिया। उसे बीच सड़क पर गोली मारी गई। दो बाइक पर सवार 5 अपराधियों ने युवक को घेर कर तब तक गोली चलाता रहा जब तक उसका शरीर पूरी तरह से छलनी नहीं हो गया। युवक की दोनों आंख, सीना, पेट, सिर, पैर सहित शरीर के सभी हिस्सों में गोली लगी है। एसपी हिमांशु ने गश्ती में लापरवाही पर पुलिस अवर निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह को निलंबित कर दिया है। शहर के विद्यापति नगर मोहल्ला के सतीश झा की हत्या एक तरह का गैंगवार है। डॉक्टरों के मुताबिक, सतीश के शरीर में करीब 10 गोलियां लगी थीं, लेकिन पोस्टमॉर्टम के दौरान केवल दो गोलियां ही बरामद हो सकीं। बाकी 8 गोलियां नहीं मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने आगे की जांच के लिए शव को भागलपुर रेफर कर दिया। 15 अगस्त को भी हुआ था जानलेवा हमला मृतक के बड़े भाई आशीष कुमार ने बताया, “घटना के समय मैं किसी काम से उसी रास्ते से गुजर रहा था। तभी मैंने देखा कि शिवम और तुषार मेरे भाई की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे। इस पूरी साजिश के पीछे गोलू यादव का हाथ है और उसी ने इसकी फंडिंग की है।” आशीष कुमार के अनुसार, ’15 अगस्त को भी इन लोगों ने उनके भाई के साथ मारपीट की थी और उसे अधमरा कर दिया था। जब मैं सतीश को अस्पताल लेकर पहुंचा, तब भी गोलू यादव वहां पहुंच गया था और मारपीट करने की कोशिश की थी। उस समय किसी तरह मैंने अपने भाई को बचाया था।” पुलिस के पास है CCTV फुटेज आशीष कुमार का कहना है, “प्रशासन को इस पूरे मामले की पहले से जानकारी थी। उस दिन की घटना का CCTV फुटेज भी पुलिस के पास मौजूद है। इसके बावजूद गोलू यादव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। करण टाइगर का भाई तुषार और शिवम खुलेआम कहते थे कि वे मेरे भाई की हत्या कर देंगे। आज उन्होंने अपनी धमकी सच कर दी। विद्यापति नगर फकीर टोला के पास स्थित घर से पैदल ही दोस्तों के साथ शुक्रवार शाम में करीब 6:30 बजे नाश्ता करने के बाद निकला था। उसकी नयी जीप मीरा सिनेमा हॉल के समीप सड़क किनारे लगी रहती थी। वहीं शाम में जाकर अक्सर बैठकी करता था।” 2019 में घर के सामने हुई थी करण टाइगर की हत्या दरअसल, 5 अगस्त 2019 में विद्यापति नगर में जमीन कारोबारी करण टाइगर की हत्या हुई थी। इसमें सतीश झा का नाम भी सामने आया था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस घटना में लाइनर सहित चार-पांच बदमाशों के शामिल होने की जानकारी मिली थी। बताया जाता है कि घटना के समय करण टाइगर अपने घर के सामने टहल रहा था। इसी दौरान बदमाश वहां पहुंचे और बेहद करीब से उस पर फायरिंग कर दी। उसके शरीर में छह गोलियां लगी थीं, जो सिर, पेट, फेफड़ा, सीना और पैर में धंसी थीं। गोली लगने के बाद परिजन करण को शहर के गंज चौकी स्थित एक निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया था। पटना में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। हालांकि करण टाइगर का भी आपराधिक इतिहास रहा था और वह कई आपराधिक घटनाओं की साजिशों में शामिल बताया जाता था। करण के भाई ने दर्ज कराई थी FIR करण टाइगर हत्याकांड में उसके भाई शिवम के बयान पर सहरसा सदर थाना में चार नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिवम ने अपने बयान में बताया था कि 5 अगस्त 2019 की रात करीब 10:30 बजे करण अपने कुत्ते को सड़क पर टहला रहा था। उसी दौरान तीन बाइक पर सवार सात बदमाश वहां पहुंचे। इन बदमाशों में सतीश भी शामिल था। आरोप था कि इस गोलीबारी में सहरसा के सतीश झा, रोशन यादव, विशाल कुमार सिंह और बाबुल कुमार समेत अन्य लोग शामिल थे। फायरिंग में करण टाइगर को पांच गोलियां लगी थीं, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। करण के भाइयों ने हत्या का लिया बदला: आशीष मृतक सतीश के भाई आशीष कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा, “इसी हत्याकांड का बदला लेने के लिए करण के भाइयों ने मेरे भाई की हत्या कर दी। सतीश को ठीक उसी तरह मारा गया, जैसे करण की हत्या की गई थी। फर्क सिर्फ इतना है कि मेरे भाई को उससे छह गोलियां ज्यादा मारी गईं।” उन्होंने बताया कि उनका भाई पिछले पांच साल से जेल में बंद था। इसी वजह से आरोपी अब तक सतीश तक नहीं पहुंच पाए थे। चाय दुकान पर अक्सर बैठकी करता था छोटू एक चाय दुकानदार ने बताया, “शाम करीब 4:30 बजे छोटू मिश्रा अपनी थार जीप से दुकान पर आया था। उस समय उसके साथ तीन लोग थे। उसने तीन कप चाय जीप के पास मंगाई थी। छोटू ने पहले का बकाया 100 रुपये भी चुका दिए थे। इसके बाद वह शाम में दोबारा आया और काफी देर तक वहीं बैठा रहा। रात में अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी तो मैं तुरंत दुकान का शटर गिराकर वहां से भाग गया।” सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस सहरसा सदर के SDPO आलोक कुमार ने बताया, “शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे सदर थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को गोली लगी है। सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। हमने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शहर के विद्यापति नगर निवासी योगेश्वर झा के बेटे सतीश कुमार झा उर्फ छोटू मिश्रा की अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था।” घटनास्थल से 12 खोखे बरामद एसडीपीओ ने बताया कि एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की है। इसके अलावा डीआईयू टीम आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को घटनास्थल से 12 खोखे भी बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि मृतक का आपराधिक इतिहास भी रहा है और प्रथम दृष्टया मामला आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय मृतक के साथ मौजूद अन्य लोगों को गोली लगी है या नहीं तथा उनके दोस्तों की भी तलाश की जा रही है। ड्रग्स तस्करी के बिन्दु पर भी पुलिस की जांच चल रही हत्या की यह घटना उस दिन हुई, जिस दिन शहर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी का कार्यक्रम था। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर शहर में पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। हालांकि मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री दोपहर में ही सहरसा से रवाना हो गए थे। पुलिस उसके ड्रग्स तस्करी के बिन्दु पर भी जांच कर रही है। अपराधियों ने रात 10:30 बजे इस घटना को वहां अंजाम दिया, जहां देर रात तक चहल-पहल बनी रहती है। जहां हत्या हुई, वहां सामने चाय-पान, नाश्ते की कई दुकानें, होटल और सैलून खुला थे। छोटू मिश्रा अपने दो दोस्तों के साथ कुछ देर पहले चाय पी थी। वह अपनी नयी थार जीप के सामने खड़ा होकर बातचीत कर रहा था। इसी बीच हेलमेट पहने बाइक सवार अपराधी पहुंचे और तीन पिस्टलों से गोली चलाने लगे। “चार जगह से बॉडी को चीर कर तीन बुलेट अंदर से निकाला गया है। पोस्टमॉर्टम के दौरान शरीर में आधी-अधूरी सिलाई की गई है। बॉडी का पार्ट निकला हुआ है। बॉडी से दुर्गंध आ रही है। पोस्टमार्टम हाउस में किसी भी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। 36 घंटे से भागलपुर में बॉडी सड़ रही है।” ये कहना मृतक सतीश कुमार के मामा मनोज कुमार का है। जो सहरसा से भांजे की डेड बॉडी को लेकर भागलपुर पहुंचे हैं। दरअसल, सहरसा के सदर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात बाइक सवार पांच अपराधियों ने थार गाड़ी में बैठे सतीश झा पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। बदमाशों ने करीब 20 से अधिक राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से करीब 10 गोलियां सतीश को लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के मामा मनोज ने बताया कि बॉडी को सहरसा से भागलपुर लाने में काफी परेशानी हुई। जो काम सहरसा में हो सकता था। उसी काम को करने के लिए अपराधी से मिले रहने के कारण हमें भागलपुर पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा गया है। प्रशासन बदमाशों से मिली हुई है। पोस्टमार्टम हाउस में ना कागज दिया गया है, ना पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जब हम लोगों ने डॉक्यूमेंट की मांग की तो अधिकारियों ने कहा कि आज संडे है, पोस्टमार्टम नहीं होगा। सोमवार को भी पता नहीं पोस्टमार्टम किया जाएगा या नहीं। यहां बॉडी पिछले 36 घंटे से सड़ रही है और अधिकारी बैठे हुए हैं। पोस्टमार्टम नहीं होने से परिजन नाराज बता दें कि शनिवार की देर रात डेड बॉडी को भागलपुर के मायागंज अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। पिछले 36 घंटे से बॉडी भागलपुर में एंबुलेंस में पड़ी है। 36 घंटे तक परिजनों ने इंतजार किया, लेकिन पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे तक नहीं बढ़ी। इसके बाद परिजन नाराज हो गए। रविवार शाम में उन्होंने अपनी नाराजगी जताई। फिर रविवार रात वह सहरसा के लिए बॉडी को भागलपुर के पोस्टमार्टम हाउस में छोड़कर रवाना हो गए। मामा का कहना है कि मृतक भांजा ठेकेदार था, बिजनेस कर किसी तरह अपने घर का भरण-पोषण करता था। एक गोलू यादव नाम का व्यक्ति है, जो इसके अगेंस्ट में काम करता था। उससे इसकी अक्सर कहासुनी होती थी और वो जान से मारने की धमकी देता था। घर पर सभी परिजन बॉडी आने का इंतजार कर रहे हैं और यहां पर डेड बॉडी सड़ रहा है। मृतक का शरीर लगभग 40% गला पोस्टमार्टम के बिना बॉडी को ले जाने भी नहीं दिया जाएगा, इसलिए हम बॉडी को छोड़ कर घर वापस लौट रहे है। मृतक का शरीर लगभग 40% गल चुका है। डेड बॉडी के पास रह कर हमारी तबीयत खराब हो जाएगी। घर पर मां, भाई-बहन सभी लोग हैं और सभी की हालत खराब है। मामले पर अस्पताल अधीक्षक अबुलेश कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई। तो उसके घर के किसी सदस्य ने फोन रिसीव किया और कहा कि तीन दिन बाद फोन करिएगा। पिता बोले- हमने पोस्टमार्टम से किया था इनकार इधर, सहरसा नगर निगम के विद्यापति नगर वार्ड-19 निवासी मृतक के पिता जागेश्वर झा ने कहा कि शुक्रवाररात 10:30 बजे मेरे बेटे को कई गोलियां से छल्ली कर दिया गया। बेटे के मौत के बाद हमने पुलिस प्रशासन से कहा था कि हमें पोस्टमार्टम नहीं करना है, लेकिन फिर भी पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम करना आवश्यक है और सुबह तक में पोस्टमार्टम हो जाएगा। लेकिन शनिवार को पोस्टमार्टम में सिर्फ दो गोलियां निकली। डॉक्टर ने कहा कि एक्स-रे मशीन में गोलियां शरीर अंग में इधर-उधर घसक जा रही है, जिस वजह से गोली मिल नहीं रही है और ऐसे में सदर अस्पताल के डॉ मो जमालउद्दीन ने शरीर में कई जगह चीरा लगाकर बुलेट निकालने का प्रयास किया। लेकिन गोली नहीं निकल सकी। ऑपरेटर नहीं होने का हवाला देकर पोस्टमार्टम से इनकार सिर में छाती पेट और पैर में कई जगहों पर चीरा लगाने के बावजूद भी गोली नहीं निकल सकी। सदर अस्पताल में सीआर मशीन रहने के बावजूद भी ऑपरेटिंग सिस्टम करने वाले ऑपरेटर नहीं होने का हवाला देकर सहरसा में पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। ऐसे में आनन फानन में सदर अस्पताल से उसे भागलपुर रेफर करवा दिया गया। रविवार को भागलपुर मेडिकल कॉलेज में डेड बॉडी एंबुलेंस में ही पड़ी हुई है। उन्होंने मेडिकल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके बेटे के बॉडी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार सतीश झा विद्यापति नगर के रहने वाले जमीन कारोबारी करण टाइगर की सरेआम विद्यापति नगर मोहल्ले में ही 7 साल पहले की गई हत्या के आरोप में जेल गया था। छोटू भी जमीन के धंधे से जुड़ा था। उसका आपराधिक चरित्र रहा है। पहले जानिए सतीश झा की हत्या कैसे हुई अपराधियों ने शुक्रवार की रात मीरा सिनेमा के सामने सतीश झा को गोलियों से भून दिया। उसे बीच सड़क पर गोली मारी गई। दो बाइक पर सवार 5 अपराधियों ने युवक को घेर कर तब तक गोली चलाता रहा जब तक उसका शरीर पूरी तरह से छलनी नहीं हो गया। युवक की दोनों आंख, सीना, पेट, सिर, पैर सहित शरीर के सभी हिस्सों में गोली लगी है। एसपी हिमांशु ने गश्ती में लापरवाही पर पुलिस अवर निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह को निलंबित कर दिया है। शहर के विद्यापति नगर मोहल्ला के सतीश झा की हत्या एक तरह का गैंगवार है। डॉक्टरों के मुताबिक, सतीश के शरीर में करीब 10 गोलियां लगी थीं, लेकिन पोस्टमॉर्टम के दौरान केवल दो गोलियां ही बरामद हो सकीं। बाकी 8 गोलियां नहीं मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने आगे की जांच के लिए शव को भागलपुर रेफर कर दिया। 15 अगस्त को भी हुआ था जानलेवा हमला मृतक के बड़े भाई आशीष कुमार ने बताया, “घटना के समय मैं किसी काम से उसी रास्ते से गुजर रहा था। तभी मैंने देखा कि शिवम और तुषार मेरे भाई की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे। इस पूरी साजिश के पीछे गोलू यादव का हाथ है और उसी ने इसकी फंडिंग की है।” आशीष कुमार के अनुसार, ’15 अगस्त को भी इन लोगों ने उनके भाई के साथ मारपीट की थी और उसे अधमरा कर दिया था। जब मैं सतीश को अस्पताल लेकर पहुंचा, तब भी गोलू यादव वहां पहुंच गया था और मारपीट करने की कोशिश की थी। उस समय किसी तरह मैंने अपने भाई को बचाया था।” पुलिस के पास है CCTV फुटेज आशीष कुमार का कहना है, “प्रशासन को इस पूरे मामले की पहले से जानकारी थी। उस दिन की घटना का CCTV फुटेज भी पुलिस के पास मौजूद है। इसके बावजूद गोलू यादव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। करण टाइगर का भाई तुषार और शिवम खुलेआम कहते थे कि वे मेरे भाई की हत्या कर देंगे। आज उन्होंने अपनी धमकी सच कर दी। विद्यापति नगर फकीर टोला के पास स्थित घर से पैदल ही दोस्तों के साथ शुक्रवार शाम में करीब 6:30 बजे नाश्ता करने के बाद निकला था। उसकी नयी जीप मीरा सिनेमा हॉल के समीप सड़क किनारे लगी रहती थी। वहीं शाम में जाकर अक्सर बैठकी करता था।” 2019 में घर के सामने हुई थी करण टाइगर की हत्या दरअसल, 5 अगस्त 2019 में विद्यापति नगर में जमीन कारोबारी करण टाइगर की हत्या हुई थी। इसमें सतीश झा का नाम भी सामने आया था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस घटना में लाइनर सहित चार-पांच बदमाशों के शामिल होने की जानकारी मिली थी। बताया जाता है कि घटना के समय करण टाइगर अपने घर के सामने टहल रहा था। इसी दौरान बदमाश वहां पहुंचे और बेहद करीब से उस पर फायरिंग कर दी। उसके शरीर में छह गोलियां लगी थीं, जो सिर, पेट, फेफड़ा, सीना और पैर में धंसी थीं। गोली लगने के बाद परिजन करण को शहर के गंज चौकी स्थित एक निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया था। पटना में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। हालांकि करण टाइगर का भी आपराधिक इतिहास रहा था और वह कई आपराधिक घटनाओं की साजिशों में शामिल बताया जाता था। करण के भाई ने दर्ज कराई थी FIR करण टाइगर हत्याकांड में उसके भाई शिवम के बयान पर सहरसा सदर थाना में चार नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिवम ने अपने बयान में बताया था कि 5 अगस्त 2019 की रात करीब 10:30 बजे करण अपने कुत्ते को सड़क पर टहला रहा था। उसी दौरान तीन बाइक पर सवार सात बदमाश वहां पहुंचे। इन बदमाशों में सतीश भी शामिल था। आरोप था कि इस गोलीबारी में सहरसा के सतीश झा, रोशन यादव, विशाल कुमार सिंह और बाबुल कुमार समेत अन्य लोग शामिल थे। फायरिंग में करण टाइगर को पांच गोलियां लगी थीं, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। करण के भाइयों ने हत्या का लिया बदला: आशीष मृतक सतीश के भाई आशीष कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा, “इसी हत्याकांड का बदला लेने के लिए करण के भाइयों ने मेरे भाई की हत्या कर दी। सतीश को ठीक उसी तरह मारा गया, जैसे करण की हत्या की गई थी। फर्क सिर्फ इतना है कि मेरे भाई को उससे छह गोलियां ज्यादा मारी गईं।” उन्होंने बताया कि उनका भाई पिछले पांच साल से जेल में बंद था। इसी वजह से आरोपी अब तक सतीश तक नहीं पहुंच पाए थे। चाय दुकान पर अक्सर बैठकी करता था छोटू एक चाय दुकानदार ने बताया, “शाम करीब 4:30 बजे छोटू मिश्रा अपनी थार जीप से दुकान पर आया था। उस समय उसके साथ तीन लोग थे। उसने तीन कप चाय जीप के पास मंगाई थी। छोटू ने पहले का बकाया 100 रुपये भी चुका दिए थे। इसके बाद वह शाम में दोबारा आया और काफी देर तक वहीं बैठा रहा। रात में अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी तो मैं तुरंत दुकान का शटर गिराकर वहां से भाग गया।” सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस सहरसा सदर के SDPO आलोक कुमार ने बताया, “शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे सदर थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को गोली लगी है। सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। हमने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शहर के विद्यापति नगर निवासी योगेश्वर झा के बेटे सतीश कुमार झा उर्फ छोटू मिश्रा की अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था।” घटनास्थल से 12 खोखे बरामद एसडीपीओ ने बताया कि एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की है। इसके अलावा डीआईयू टीम आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को घटनास्थल से 12 खोखे भी बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि मृतक का आपराधिक इतिहास भी रहा है और प्रथम दृष्टया मामला आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय मृतक के साथ मौजूद अन्य लोगों को गोली लगी है या नहीं तथा उनके दोस्तों की भी तलाश की जा रही है। ड्रग्स तस्करी के बिन्दु पर भी पुलिस की जांच चल रही हत्या की यह घटना उस दिन हुई, जिस दिन शहर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी का कार्यक्रम था। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर शहर में पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। हालांकि मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री दोपहर में ही सहरसा से रवाना हो गए थे। पुलिस उसके ड्रग्स तस्करी के बिन्दु पर भी जांच कर रही है। अपराधियों ने रात 10:30 बजे इस घटना को वहां अंजाम दिया, जहां देर रात तक चहल-पहल बनी रहती है। जहां हत्या हुई, वहां सामने चाय-पान, नाश्ते की कई दुकानें, होटल और सैलून खुला थे। छोटू मिश्रा अपने दो दोस्तों के साथ कुछ देर पहले चाय पी थी। वह अपनी नयी थार जीप के सामने खड़ा होकर बातचीत कर रहा था। इसी बीच हेलमेट पहने बाइक सवार अपराधी पहुंचे और तीन पिस्टलों से गोली चलाने लगे।  

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