मोगा के किल्ली चहलां में अमित शाह की बदलाव रैली से भाजपा ने विरोधियों की टेंशन बढ़ा दी। आम आदमी पार्टी व कांग्रेस अब तक पंजाब में भाजपा को हल्के में ले रही थी। केंद्रीय मंत्री अमित शाह की रैली के बाद आप व कांग्रेस ने भाजपा को घेरना शुरू कर दिया। रैली के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दो दिन में दो बार भाजपा और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के खिलाफ बयान दे दिए। इसी तरह कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग व विधाना सभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी भाजपा पर जमकर हमला बोलना शुरू कर दिया। उधर, शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल अब भी भाजपा के साथ बैलैंस गेम खेल रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने भाजपा के 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान तो किया लेकिन अपने भाषण में उन्होंने भी शिअद के प्रति सॉफ्टा कॉर्नर ही रखा। भाजपा नेताओं ने रैली को सफल बताया और कहा कि रैली में जुटी भीड़ को देखकर विरोधी टेंशन में आ गए। उनका कहना है कि रैली के बाद आप व कांग्रेस भाजपा पर अटैक करने लग गई है। जिससे साफ है कि उन्हें यह पता लग गया कि भाजपा 2027 में सरकार बनाने जा रही है। अब BJP को ‘इग्नोर’ करना विरोधियों के लिए मुश्किल भारतीय जनता पार्टी शहरी क्षेत्रों में मजबूत स्थिति में है। लोकसभा चुनाव 2024 की बात करें तो भाजपा को शहरी क्षेत्रों में अच्छी बढ़त मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध के कारण भाजपा को जीत नहीं मिली लेकिन वोट प्रतिशत में करीब 13 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई। भाजपा अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी पैंठ बना रही है ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा को इग्नोर करना मुश्किल होगा। विरोधियों की टेंशन बढ़ने के 3 अहम कारण… शिअद-भाजपा गठबंधन की संभावनाएं अभी खत्म नहीं, इन 2 बातों से जानिए… विरोधियों ने ऐसे की भाजपा के खिलाफ घेराबंदी, सिलसिलेवार जानिए..


