लखनऊ में रविवार को अखिल भारतीय वाल्मीकि नवयुवक संघ की ओर से एक अनोखे होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बेटों ने अपनी माताओं और भाइयों ने अपनी बहनों के पैर गंगाजल से पखारे, जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया। सम्मान पाकर माताओं की आंखें छलक आईं। परंपरागत होली मिलन समारोहों से हटकर, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्वच्छकार समाज की महिलाओं को विशेष सम्मान देना था। उन्हें न केवल पैर पखारकर सम्मानित किया गया, बल्कि वस्त्र दान भी किए गए। प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए समाज कल्याण मंत्री ने इस पहल को सार्थक और भावनात्मक बताया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छकार समाज के युवाओं को उनके विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन और प्रतियोगी परीक्षाओं (आईएएस-पीसीएस) की निःशुल्क कोचिंग जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान मंत्री से यह भी मांग की गई कि प्रदेश सरकार को स्वच्छकार समाज के उन युवाओं को सम्मानित करना चाहिए जो पीएचडी, एमबीबीएस और इंजीनियरिंग जैसी कठिन परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे युवा अपने माता-पिता के संघर्ष को सार्थक कर समाज का गौरव बढ़ा रहे हैं। कविताओं से कार्यक्रम में हास्य का रंग भरा उत्तर प्रदेश दूरदर्शन के कार्यक्रम प्रमुख आत्म प्रकाश मिश्र और विख्यात हास्य कवि सर्वेश अस्थाना ने भी इस आयोजन की सराहना की। अस्थाना ने माताओं के सम्मान को स्वयं का सम्मान बताया और अपनी कविताओं से कार्यक्रम में हास्य का रंग भरा। ‘रोटी-कपड़ा बैंक फाउंडेशन’ के रिद्धी किशोर गौड़ और राजेश आनंद ने इस आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया।


