लखनऊ की हिंदनगर कॉलोनी के निवासियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। कॉलोनी को अवैध और अनियोजित सूची से बाहर करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने खारिज कर दिया है। इससे कॉलोनी पर लगा अवैध का ठप्पा फिलहाल बरकरार रहेगा और यहां के मकानों के नक्शे अभी भी पास नहीं हो पाएंगे। साल 2024 के अंत में हुई LDA की बोर्ड बैठक में हिंदनगर कॉलोनी को अवैध और अनियोजित कॉलोनियों की सूची से बाहर करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। बोर्ड की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन शासन ने इसे मंजूरी नहीं दी। करीब 25 साल से हिंदनगर कॉलोनी के निवासी अपने मकानों का नक्शा पास कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। बोर्ड बैठक के फैसले के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब उनके घरों के मानचित्र पास हो सकेंगे और बैंक से लोन लेने में भी आसानी होगी। लेकिन मौजूदा स्थिति में LDA के ऑनलाइन सिस्टम में कॉलोनी अब भी ‘अवैध/अनियोजित’ दर्ज है। ऐसे में मानचित्र स्वीकृति के लिए किए जा रहे आवेदन स्वतः खारिज हो रहे हैं। नक्शा पास न होने से लोगों को अपने मकान या प्लॉट की खरीद-फरोख्त में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सांसद व केंद्रीय मंत्री भी कर चुके हैं धरना हिंदनगर कॉलोनी के नियमितीकरण की मांग को लेकर मोहनलालगंज के तत्कालीन सांसद और केंद्रीय आवास राज्यमंत्री कौशल किशोर भी कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके बाद ही मामला LDA बोर्ड की बैठक में लाया गया था। LDA बोर्ड सदस्य पुष्कर शुक्ला ने बताया कि वर्ष 1960 में कॉलोनी का ले-आउट पास हो चुका है। बोर्ड बैठक में कॉलोनी को नियोजित करने का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा गया था। अगर शासन ने इसे नामंजूर किया है तो इसकी जानकारी लेकर कॉलोनीवासियों के हित में आगे की कार्रवाई की जाएगी।


