सहरसा में संत लक्ष्मीनाथ गोसाई महोत्सव:पंडित सिद्धार्थ बनर्जी ने सिद्धि वीणा पर दी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति

सहरसा में संत लक्ष्मीनाथ गोसाई महोत्सव:पंडित सिद्धार्थ बनर्जी ने सिद्धि वीणा पर दी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति

सहरसा में संत लक्ष्मीनाथ गोसाई महोत्सव के अवसर पर रविवार देर शाम एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध युवा संगीतकार पंडित सिद्धार्थ बनर्जी ने अपनी सिद्धि वीणा पर शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी। बनारस घराने से जुड़े पंडित सिद्धार्थ बनर्जी ने अपनी अनूठी वादन शैली से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके मधुर स्वरों और गहन रागों ने सभागार में मौजूद लोगों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई से परिचित कराया। सिद्धार्थ बनर्जी ने कम समय में संगीत जगत में अपनी पहचान बनाई है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारतीय संगीत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने न्यूयॉर्क सहित कई देशों में प्रस्तुतियां दी हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ सहरसा के अपर समाहर्ता निशांत और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता निशांत ने संत लक्ष्मीनाथ गोसाई के व्यक्तित्व और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके प्रेरणादायक जीवन से सीख लेने की आवश्यकता है। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा ने बताया कि संत लक्ष्मीनाथ गोसाई महोत्सव के अवसर पर हर वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस बार पंडित सिद्धार्थ बनर्जी की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। संत लक्ष्मीनाथ गोसाई का जन्म सुपौल जिले के परसरमा में हुआ था, जबकि उनकी कर्मस्थली सहरसा जिले के बनगांव नगर पंचायत को माना जाता है। उनकी ख्याति सहरसा ही नहीं, बल्कि पूरे देश में फैली हुई है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संत लक्ष्मीनाथ गोसाई के व्यक्तित्व और उनके आध्यात्मिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील भी की। सहरसा में संत लक्ष्मीनाथ गोसाई महोत्सव के अवसर पर रविवार देर शाम एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध युवा संगीतकार पंडित सिद्धार्थ बनर्जी ने अपनी सिद्धि वीणा पर शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी। बनारस घराने से जुड़े पंडित सिद्धार्थ बनर्जी ने अपनी अनूठी वादन शैली से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके मधुर स्वरों और गहन रागों ने सभागार में मौजूद लोगों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई से परिचित कराया। सिद्धार्थ बनर्जी ने कम समय में संगीत जगत में अपनी पहचान बनाई है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारतीय संगीत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने न्यूयॉर्क सहित कई देशों में प्रस्तुतियां दी हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ सहरसा के अपर समाहर्ता निशांत और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता निशांत ने संत लक्ष्मीनाथ गोसाई के व्यक्तित्व और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके प्रेरणादायक जीवन से सीख लेने की आवश्यकता है। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा ने बताया कि संत लक्ष्मीनाथ गोसाई महोत्सव के अवसर पर हर वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस बार पंडित सिद्धार्थ बनर्जी की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। संत लक्ष्मीनाथ गोसाई का जन्म सुपौल जिले के परसरमा में हुआ था, जबकि उनकी कर्मस्थली सहरसा जिले के बनगांव नगर पंचायत को माना जाता है। उनकी ख्याति सहरसा ही नहीं, बल्कि पूरे देश में फैली हुई है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संत लक्ष्मीनाथ गोसाई के व्यक्तित्व और उनके आध्यात्मिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील भी की।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *