Iran-US Conflict Strait Of Hormuz: एक तरफ अमेरिका-ईरान के बीच भीषण युद्ध जारी है। दूसरी तरफ इजरायल हिज्बुल्लाह पर लगातार हमले कर रहा है। वह बेरूत में लगातार हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर को निशाना बना रहा है। इसमें अब तक 826 लोगों की मारे जाने की खबर सामने आई है।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने चीन और यूके समेत कई देशों से ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को सुरक्षित रखने और आजाद कराने के लिए अपील की है। इसके लिए उन्होंने दूसरे देशों से ‘होर्मुज स्ट्रेट’ के पास जंगी जहाज भेजने की बात कही है।

‘होर्मुज स्ट्रेट’ खोलने के लिए क्या दूसरे देश साथ देंगे?
दरअसल, अमेरिका और इजरायल द्वारा करीब दो हफ्ते पहले ईरान पर हमले के बाद से इस समुद्री रास्ते पर तनाव बढ़ गया है। खबरों के मुताबिक इस रास्ते से गुजरने वाले कई जहाजों पर हमले भी हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ऐसे में ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि कई देश इस अहम समुद्री रास्ते को खुला और सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर कदम उठाएंगे। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या दूसरे देश भी इस मिशन में अमेरिका का साथ देंगे?
‘होर्मुज स्ट्रेट’ का महत्व
‘होर्मुज स्ट्रेट’ आखिर क्यों इतना महत्वपूर्ण है, चलिए आपको समझाते है, दरअसल ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) से जोड़ने वाला बेहद अहम समुद्री रास्ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग रूट्स में गिना जाता है। दुनिया में सप्लाई होने वाले कुल तेल का करीब पांचवाँ हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है और हर दिन लगभग 20 मिलियन बैरल तेल जहाजों के जरिए यहां से ट्रांसपोर्ट होता है।
लेकिन जंग के कारण हालात बिगड़ने से इस इलाके में शिपिंग काफी प्रभावित हुई है। ईरान ने साफतौर पर चेतावनी दी है कि यदि कोई देश बिना इजाजत के समुद्री शिप ले जाता है तो उसे मार गिराया जाएगा। खासकर अमेरिका और इजरायल के साथ सपोर्ट करने वाले देश।
‘होर्मुज स्ट्रेट’ बंद होने से इसका असर अब पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है, यही कारण है कि ट्रंप ने बाकी दूसरे देशों से अपील की है।
ट्रंप का दावा
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत 100 परसेंट खत्म हो चुकी है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इसके बावजूद ईरान इस इलाके में गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा बन सकता है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की लगभग पूरी सैन्य क्षमता खत्म कर दी है, लेकिन ईरान के लिए अब भी ड्रोन भेजना, समुद्र में माइन बिछाना या पास से हमला करने वाली मिसाइलें दागना आसान हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को फिर से सुरक्षित और खुला करने के लिए अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। ट्रंप के मुताबिक अमेरिकी सेना समुद्र के किनारे भारी बमबारी करेगी और ईरानी नावों व जहाजों को निशाना बनाएगी। उनका कहना है कि किसी भी हाल में इस अहम समुद्री रास्ते को जल्द ही फिर से सुरक्षित और आजाद कर दिया जाएगा।
वहीं ईरान ने ट्रंप के इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी सैन्य ताकत खत्म होने की बातें पूरी तरह ‘मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है।


