बेतिया में जन सुराज जिला कार्यालय में पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण जिले के क्षेत्रीय एवं जिला पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक के बाद जन सुराज के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर सरकार बेबस दिख रही है और अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। वादों के आधार पर उन्होंने सरकार को बहुमत दिया
भारती ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकार ने जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, जिससे लोगों को उम्मीद थी कि उनकी समस्याएं हल हो जाएंगी। हालांकि, वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने जनता से कहा कि जिन वादों के आधार पर उन्होंने सरकार को बहुमत दिया, वे अब झूठे साबित हो रहे हैं। मनोज भारती ने यह भी घोषणा की कि जन सुराज अब भविष्य में होने वाले हर चुनाव में सक्रिय रूप से भाग लेगी। बाढ़ जैसी समस्याओं से काफी हद तक निपटा जा सकता
उन्होंने आगामी समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। भारती ने बताया कि कुछ समय बाद पानी की किल्लत शुरू हो जाएगी और लगभग तीन महीने बाद लोगों को पानी के लिए अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद हर साल की तरह बाढ़ की समस्या भी सामने आएगी। भारती ने सवाल उठाया कि जब नेताओं को हर साल इन समस्याओं के आने की जानकारी होती है, तो वे पहले से तैयारी क्यों नहीं करते। उनके अनुसार, यदि अभी से योजना बनाई जाए तो गांवों में पानी की कमी और बाढ़ जैसी समस्याओं से काफी हद तक निपटा जा सकता है। बेतिया में जन सुराज जिला कार्यालय में पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण जिले के क्षेत्रीय एवं जिला पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक के बाद जन सुराज के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर सरकार बेबस दिख रही है और अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। वादों के आधार पर उन्होंने सरकार को बहुमत दिया
भारती ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकार ने जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, जिससे लोगों को उम्मीद थी कि उनकी समस्याएं हल हो जाएंगी। हालांकि, वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने जनता से कहा कि जिन वादों के आधार पर उन्होंने सरकार को बहुमत दिया, वे अब झूठे साबित हो रहे हैं। मनोज भारती ने यह भी घोषणा की कि जन सुराज अब भविष्य में होने वाले हर चुनाव में सक्रिय रूप से भाग लेगी। बाढ़ जैसी समस्याओं से काफी हद तक निपटा जा सकता
उन्होंने आगामी समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। भारती ने बताया कि कुछ समय बाद पानी की किल्लत शुरू हो जाएगी और लगभग तीन महीने बाद लोगों को पानी के लिए अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद हर साल की तरह बाढ़ की समस्या भी सामने आएगी। भारती ने सवाल उठाया कि जब नेताओं को हर साल इन समस्याओं के आने की जानकारी होती है, तो वे पहले से तैयारी क्यों नहीं करते। उनके अनुसार, यदि अभी से योजना बनाई जाए तो गांवों में पानी की कमी और बाढ़ जैसी समस्याओं से काफी हद तक निपटा जा सकता है।


