मुंबई के इस्लाम जिमखाना (Islam Gymkhana) में शनिवार को आयोजित एक इफ्तार पार्टी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। इस कार्यक्रम का आयोजन समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी द्वारा किया गया था। इस खास मौके पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद थे, लेकिन सबकी निगाहें मंच पर मौजूद शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत पर टिक गईं। इसको लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
राउत बोले- नहीं की राजनीति पर चर्चा
इफ्तार में शामिल होने के बाद मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य आपसी मेल-मिलाप और सौहार्द को बढ़ावा देना था। राउत ने जोर देकर कहा कि इस दौरान किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। हालांकि भाजपा ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति और वैचारिक समझौता करार दिया है।
भाजपा का तीखा हमला
संजय राउत की इफ्तार में मौजूदगी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। भाजपा के प्रवक्ता केशव उपाध्ये (Keshav Upadhye) ने सोशल मीडिया पर राउत की तस्वीरें साझा करते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा, “अयोध्या का राम मंदिर तो दूर रहा… युवराज (आदित्य ठाकरे) को पंढरपुर का गर्भगृह भी भारी लगता है… लेकिन अबू आजमी की इफ्तार का खजूर संजय राउत को बहुत मीठा लगता है!”
इस घटनाक्रम के बाद सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच जुबानी जंग और तेज होना तय है।


