बेतिया में राजन जी महाराज करेंगे श्रीराम कथा:23 से 29 अप्रैल तक हरिवाटिका शिव मंदिर परिसर में आयोजन, दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक आयोजन

बेतिया में राजन जी महाराज करेंगे श्रीराम कथा:23 से 29 अप्रैल तक हरिवाटिका शिव मंदिर परिसर में आयोजन, दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक आयोजन

बेतिया के हरिवाटिका स्थित बेतिया राज की ऐतिहासिक धरोहर शिव मंदिर परिसर में 23 से 29 अप्रैल तक सात दिवसीय मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में परम पूज्य श्री प्रेमभूषण जी महाराज के कृपापात्र पूज्य श्री राजन जी महाराज श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का अमृतमय रसपान कराएंगे। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति की संभावना जताई जा रही है। प्रतिदिन दोपहर तीन से शाम सात बजे तक होगी कथा आयोजक समिति के अनुसार श्रीराम कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से संध्या 7:00 बजे तक किया जाएगा। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, मर्यादा और धर्म से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। कथावाचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया जाएगा। श्री सीताराम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजन सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन का आयोजन श्री सीताराम सेवा समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। समिति के सदस्यों द्वारा कथा स्थल पर पंडाल, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश और अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारी की जा रही है, ताकि कथा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना समिति के सचिव कुंदन शांडिल्य ने बताया कि यह आयोजन क्षेत्र के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सात दिनों तक चलने वाली इस कथा में आसपास के कई गांवों और शहरों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील कार्यक्रम के अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करें और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में सद्भाव, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है और लोगों को अपने जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है। बेतिया के हरिवाटिका स्थित बेतिया राज की ऐतिहासिक धरोहर शिव मंदिर परिसर में 23 से 29 अप्रैल तक सात दिवसीय मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में परम पूज्य श्री प्रेमभूषण जी महाराज के कृपापात्र पूज्य श्री राजन जी महाराज श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का अमृतमय रसपान कराएंगे। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति की संभावना जताई जा रही है। प्रतिदिन दोपहर तीन से शाम सात बजे तक होगी कथा आयोजक समिति के अनुसार श्रीराम कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से संध्या 7:00 बजे तक किया जाएगा। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, मर्यादा और धर्म से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। कथावाचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया जाएगा। श्री सीताराम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजन सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन का आयोजन श्री सीताराम सेवा समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। समिति के सदस्यों द्वारा कथा स्थल पर पंडाल, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश और अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारी की जा रही है, ताकि कथा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना समिति के सचिव कुंदन शांडिल्य ने बताया कि यह आयोजन क्षेत्र के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सात दिनों तक चलने वाली इस कथा में आसपास के कई गांवों और शहरों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील कार्यक्रम के अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करें और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में सद्भाव, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है और लोगों को अपने जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है।  

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