मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव की मार अब सीधे तौर पर स्थानीय उद्योगों पर पड़ने लगी है। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव में स्थित ‘शिवांगी बेकर्स’ कंपनी, जो प्रसिद्ध ‘पार्ले-जी’ (Parle-G) बिस्कुट का उत्पादन करती है, पिछले गुरुवार से पूरी तरह बंद पड़ी है। इसका मुख्य कारण गैस की भारी किल्लत बताया जा रहा है। जिसने उत्पादन प्रक्रिया को पूरी तरह रोक दिया है। कारखाने के बंद होने से वहां काम करने वाले करीब 500 कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
गैस आपूर्ति बाधित होने से नहीं चल रहे ओवन
रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवांगी बेकर्स में बिस्कुट बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह गैस पर आधारित है। यहां ‘क्रीम’ और ‘ग्लूकोज’ श्रेणी के पार्ले-जी बिस्कुटों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। बिस्कुट सेंकने के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़े ओवन गैस से चलते हैं। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण कमर्शियल गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके परिणामस्वरूप कंपनी को मिलने वाली गैस ठप पड़ है। गैस न होने के कारण कंपनी प्रबंधन को उत्पादन रोकने का फैसला लेना पड़ा है।
इस प्लांट में 500 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, जो अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह इसी कारखाने पर निर्भर हैं। उत्पादन बंद होने से इन कर्मचारियों और उनके परिवारों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। यदि गैस आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई और कंपनी दोबारा शुरू नहीं हुई, तो इन कर्मचारियों पर बड़ी मुसीबत आ सकती है। फिलहाल कंपनी को उत्पादन ठप होने से प्रतिदिन लाखों रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि पार्ले-जी बिस्कुट की आम जनता के बीच भारी मांग रहती है। खामगांव कारखाने से उत्पादन बंद होने के कारण आगामी दिनों में बाजार में पार्ले-जी बिस्कुटों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इस बीच, कंपनी प्रबंधन वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों या गैस आपूर्ति बहाल करने के रास्तों पर विचार कर रहा हैं।


