वो मर जाता तो ज्यादा सही होता। हम तो यही चाहते हैं। ऐसे काम करने से तो अच्छा है, मर जाता तो सब्र आ जाता। उसने देश के मुसलमानों पर उंगली उठाई है। हम सरकार के साथ हैं। जिसने भी उसका माइंड वॉश किया, उसे पकड़ा जाए। हम सीधे-सादे लोग हैं और अपने काम से काम रखते हैं। जो ऊपर वाले को मंजूर था, वो हो गया। हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई चाहते हैं। यह कहना है अजमेर के अली अजगर का, जिनके भाई अकबर उर्फ बाबू को हनुमानगढ़ में विस्फोट करने की साजिश में अंबाला (हरियाणा) से उसके 2 साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अकबर उर्फ बाबू के घर से जानकारी और दस्तावेज जुटाए हैं। अकबर उर्फ बाबू अजमेर में ऑटो चलाता था। तीनों आरोपियों के पास से 2 किलो आरडीएक्स, आईईडी और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। सूत्रों के अनुसार, आतंकी शहजाद भट्टी के इशारे पर ड्रोन के जरिए अमृतसर (पंजाब) में आरडीएक्स व अन्य सामान भेजा गया था। पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी ने यह साजिश रची थी। भाई बोला- हजार रुपए लेकर गया था दिल्ली घूमने दिल्ली गेट लोंगिया मोहल्ला के रहने वाले अली अजगर ने कहा- 8 फरवरी को सुबह 6 बजे वह घर से यह कहकर निकला था कि मैं जयपुर से दिल्ली घूमने जा रहा हूं। इसके लिए वह घर से हजार रुपए लेकर गया था। रात को फिर उसने मुझे फोन किया और कहा कि मेरे पास खर्च के रुपए कम हैं, 500 रुपए और डाल दो। इसके बाद मैंने उसको फोन पे से 500 रुपए भेज दिए थे। 9 फरवरी से उसने हमारा फोन उठाना बंद कर दिया था। हमने उसको मैसेज किया, ऑडियो रिकॉर्डिंग भी भेजी। भाई, मां-पापा रो रहे हैं। तू कहां है, कितने दिन में आएगा? एक बार फोन करके बता दे। वे कैसे फंसाते हैं, कैसे पैसे का लालच देते हैं अली अजगर ने कहा- कल न्यूज़ के बाद ही हमें पता चला। जैसा देश उसे सजा देगा, हम उस सज़ा में शामिल हैं। पुलिस मामले की पूरी अच्छी तरह से जांच करे। हम यह चाहते हैं कि वह जुड़ा कैसे। पहले जुड़ने वाले लोगों को पहले पकड़ा जाए। हमारा भाई तो गया, वे कैसे फंसाते हैं, कैसे पैसे का लालच देते हैं। अब उन लोगों को पकड़कर यह खुलासा करें। सरकार से यही विनती है कि जिसने उसे फंसाया है, उस पर कार्रवाई हो, ताकि आगे से वह हमारे देश के दूसरे लोगों को ना फंसा सके। बच्चे पढ़ने जाएंगे तो लोग कहेंगे कि ये आतंकी के बच्चे हैं अली अजगर ने कहा- अली अकबर की सोजत (पाली) में 2020 में शादी हुई थी, उसके 2 बच्चे हैं। यह भी नहीं सोचा कि घर का क्या होगा। जब दोनों बच्चे पढ़ने जाएंगे तो लोग कहेंगे कि ये आतंकी के बच्चे हैं। अब मैं भी नौकरी पर जाऊंगा तो कौन देगा? पिता ने मेहनत-मजदूरी कर एक घर बनाया, बीस साल मेहनत की, दस साल लोन चुकाया, तब जाकर मकान बना। आरोपियों ने कबूला पाकिस्तान से आरडीएक्स आया आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि यह आरडीएक्स पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के जरिए अमृतसर में मुहैया कराया गया था, जो ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से पंजाब पहुंचाया गया था। आतंकियों की पहली साजिश राजस्थान के हनुमानगढ़ में बम विस्फोट करने की थी। वहां आईईडी तो पहुंचा दी गई थी, लेकिन आरडीएक्स नहीं पहुंच पाया, जिससे उनकी योजना विफल हो गई। चार दिन बाद आईईडी वापस मंगा ली गई। इसके बाद करीब एक सप्ताह तक आरोपियों से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के विभिन्न स्थानों की रेकी कर वीडियो भेजवाए गए, ताकि नया टारगेट तय किया जा सके। पुलिस ने शनिवार को अदालत को पूरे मामले की जानकारी दी। अदालत ने तीनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। — मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में बम ब्लास्ट के लिए पाकिस्तान से भेजा IED:4 दिन तक विस्फोटक का इंतजार करते रहे आरोपी, 3 जगह धमाके की साजिश राजस्थान में बम धमाके के लिए पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी ने साजिश रची थी। बॉर्डर एरिया वाले जिले हनुमानगढ़ में आतंकी ने इम्प्रोवाइज एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी पहुंचा दी थी। पढ़ें पूरी खबर


