UP पुलिस भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन:मथुरा में 17 सेंटर पर 6000 अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा,पहले दिन STF ने पकड़ा पेपर पास कराने के नाम पर रकम वसूलने वाला

UP पुलिस भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन:मथुरा में 17 सेंटर पर 6000 अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा,पहले दिन STF ने पकड़ा पेपर पास कराने के नाम पर रकम वसूलने वाला

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा दूसरे दिन भी जारी है। मथुरा में सभी सेंटर पर दूसरे दिन की प्रथम पाली में भी सख्ती बरती जा रही है। यहां कड़ी चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों को पेपर सेंटर में एंट्री दी जा रही है। पहले दिन की परीक्षा के दौरान STF की मेरठ यूनिट ने मथुरा के राया से एक आरोपी को रुपए लेकर परीक्षा पास कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पहले दिन 4509 अभ्यर्थी हुए शामिल यू पी पुलिस भर्ती परीक्षा में पहले दिन मथुरा में पहली पाली में 4509 और दूसरी पाली में 4609 अभ्यर्थी शामिल हुए। पुलिस और प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बीच मथुरा के 17 सेंटर पर परीक्षा आयोजित की जा रही है। पहले दिन पहली पाली में 75.15 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इसमें 1491 अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में 76.82 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इसमें 1391 ने परीक्षा नहीं दी। राया से किया ठगी करने वाला गिरफ्तार उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ठगने की साजिश रचने वाले युवक को STF की मेरठ यूनिट ने गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से मोबाइल फोन, एडमिट कार्ड, व्हाट्सएप चैट के प्रिंटआउट और एक सामान्य ज्ञान की किताब बरामद की गई है। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी तरीके से उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने का झांसा दे रहे हैं। इसी सूचना पर एसटीएफ मेरठ यूनिट की टीम ने कार्रवाई करते हुए राया क्षेत्र के बलदेव मार्ग स्थित मोहल्ला शिवपुरी के पास एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। 22 लाख रुपए की करते थे मांग पूछताछ में उसने अपना नाम अनुज कुमार पुत्र प्रेम सिंह निवासी ग्राम हवेली, थाना राया, मथुरा बताया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, उपनिरीक्षक भर्ती से संबंधित एडमिट कार्ड, अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड, व्हाट्सएप चैट के प्रिंटआउट तथा एक सामान्य ज्ञान की पुस्तक बरामद हुई। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसका संपर्क गोपाल रावत नामक व्यक्ति से हुआ था, जिसने उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने के लिए 22 लाख रुपये लेने की बात कही थी। योजना के अनुसार अभ्यर्थी से परीक्षा से पहले 3 लाख रुपये और परीक्षा के बाद 5 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। आरोपी का काम अभ्यर्थियों को तलाश कर गोपाल रावत से मिलवाना था। सॉल्वर उपलब्ध कराने का दिया जाता था झांसा पुलिस के मुताबिक आरोपी द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा में सेटिंग कराने और सॉल्वर उपलब्ध कराने का झांसा दिया जाता था। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है तथा आगे की जांच जारी है।

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