ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध की वजह से दुनियाभर में गैस और तेल का संकट पैदा हो गया है। भारत में भी एलपीजी संकट (LPG Crisis) गंभीर होता जा रहा है। कमर्शियल सिलेंडरों की कमी की वजह से डोमेस्टिक सिलेंडरों की डिमांड बढ़ रही है, लेकिन उसकी भी कमी देखने को मिल रही है। सरकार ने कहा है कि चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि इसके बावजूद देश के कई शहरों में एलपीजी संकट का असर दिख रहा है। देश में एलपीजी संकट का सबसे ज़्यादा असर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर पड़ा है, क्योंकि इस वजह से कई बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। इससे कई लोगों की नौकरी पर भी खतरे की तलवार लटक रही है। स्ट्रीट फ़ूड वेंडर जैसे सड़क किनारे खाने की दुकानें, छोटे रेस्टोरेंट-कैफे, ठेले पर खाने का सामान बेचने वाले लोग भी इस वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अब खबर आई है कि इस वजह से एक शहर को हर दिन भारी नुकसान हो सकता है।
हर दिन हो सकता है 100 करोड़ का नुकसान
एलपीजी सिलेंडर की कमी (LPG Cylinder Shortage) की वजह से हैदराबाद (Hyderabad) की फूड इंड्रस्ट्री को हर दिन 100 करोड़ का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। शहर में 70,000 से ज़्यादा होटल, रेस्टोरेंट और कैफे हैं, जो खाना बनाने के लिए कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर हैं। एलपीजी सिलेंडर की किल्लत रहने पर शहर में फूड इंडस्ट्री को गंभीर नुकसान हो सकता है।
कुछ दिन में ही 50 करोड़ से ज़्यादा का नुकसान
हैदराबाद की फूड इंड्रस्ट्री में काम करने वाले कुछ लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिन में 50 करोड़ से ज़्यादा का नुकसान हो चुका है। कई रेस्टोरेंट मेन्यू कम करने और ऑनलाइन ऑर्डर बंद करने या अस्थायी रूप से बंद होने के लिए मजबूर हो गए हैं। शहर में सड़क किनारे कई फूड स्टॉल्स बंद हो चुकी हैं।
ब्लैक मार्केट में सिलेंडर की कीमत पहुंची 3,000-4,000
देश में फूड इंडस्ट्री मुख्य रूप से एलपीजी सिलेंडर पर ही निर्भर है। सिलेंडर की किल्लत की वजह से ब्लैक मार्केट का रुख करने वाले लोगों को भी बड़ा झटका लगा है, क्योंकि 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 2,100 रुपये से बढ़कर 3,000-4,000 रुपये तक पहुंच गई है।


