UP STF की बड़ी कार्रवाई: पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के नाम पर ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार

UP STF की बड़ी कार्रवाई: पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के नाम पर ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार

UP STF Busts Recruitment Exam Fraud Gang:  उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Uttar Pradesh Special Task Force ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी Uttar Pradesh Police की उपनिरीक्षक एवं समकक्ष भर्ती परीक्षा-2025 के नाम पर अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी करने के मामले में की गई है।

एसटीएफ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई 14 और 15 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली परीक्षा से पहले की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित मीना उर्फ लोडा, शाहिल और साजिद के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों को राजस्थान के Sawai Madhopur स्थित Cyber Police Station Sawai Madhopur क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

परीक्षा के नाम पर ठगी का जाल

एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को निशाना बना रहा था। आरोपी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे और उन्हें परीक्षा में पास कराने या प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का झांसा देते थे।

जांच में सामने आया कि आरोपी अभ्यर्थियों से बड़ी रकम की मांग करते थे और दावा करते थे कि उनके पास परीक्षा से संबंधित अंदरूनी जानकारी है। कई मामलों में वे अभ्यर्थियों को विश्वास में लेने के लिए फर्जी दस्तावेज और नकली पहचान का भी इस्तेमाल करते थे।

एसटीएफ को मिली थी गुप्त सूचना

एसटीएफ के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के नाम पर युवाओं को ठगने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने निगरानी शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई।

इसके बाद एसटीएफ की टीम ने राजस्थान पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए सवाई माधोपुर क्षेत्र में छापा मारकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार आरोपी बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाते थे। वे उन अभ्यर्थियों को निशाना बनाते थे जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे होते हैं और जल्दी सफलता पाने की उम्मीद रखते हैं। गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाते थे कि वे परीक्षा में उनकी मदद कर सकते हैं। इसके बदले वे लाखों रुपये तक की मांग करते थे। कई बार वे पहले कुछ रकम एडवांस के तौर पर लेते थे और फिर संपर्क तोड़ देते थे।

साइबर माध्यमों का इस्तेमाल

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी साइबर तकनीकों का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों तक पहुंचते थे। वे फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं से संपर्क करते थे।एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है और जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सकता है।

अभ्यर्थियों से सतर्क रहने की अपील

एसटीएफ ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति परीक्षा में पास कराने या प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का दावा करता है, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस या एसटीएफ को दें। अधिकारियों ने कहा कि सभी सरकारी परीक्षाएं पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित की जाती हैं और किसी भी व्यक्ति के पास प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध होना संभव नहीं है।

आगे की कार्रवाई जारी

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उनके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य राज्यों या व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर जोर

इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ की इस कार्रवाई को भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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