2027 के अंत तक मिल सकती है पीएनजी सुविधा:भागलपुर के लोगों को भी मिलेगी सुविधा, मुंगेर से बिछ रही पाइपलाइन बरियारपुर तक पहुंची

2027 के अंत तक मिल सकती है पीएनजी सुविधा:भागलपुर के लोगों को भी मिलेगी सुविधा, मुंगेर से बिछ रही पाइपलाइन बरियारपुर तक पहुंची

मुंगेर और लखीसराय जिले के करीब सात हजार घरों तक पहुंच चुकी पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) अब भागलपुर जिले के बॉर्डर पर आ गई है। मुंगेर से बिछाई जा रही गैस पाइपलाइन बरियारपुर तक पहुंच चुकी है। यह सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम से करीब 18 किलोमीटर दूर है। परियोजना पूरी होने के बाद भागलपुर शहर के लोगों को रसोई गैस सिलेंडर की झंझट से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। 350 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत वर्ष 2027 के अंत तक भागलपुर में पीएनजी आपूर्ति शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। दो चरणों में बिछाई जा रही पाइपलाइन मुंगेर से भागलपुर तक गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में मुंगेर के तेलिया तालाब से अजगैवीनाथ धाम तक लगभग 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इस हिस्से में कार्य तेजी से चल रहा है और बरियारपुर तक करीब साढ़े छह किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। पाइपलाइन निर्माण में 12 इंच व्यास वाले स्टील पाइप का उपयोग किया जा रहा है। दूसरे चरण में सुल्तानगंज से भागलपुर शहर तक पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस चरण का काम अगले माह से शुरू होने की संभावना है। ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क किनारे पाइप बिछा रहे जानकारी के अनुसार, पाइपलाइन को लखीसराय से ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क के किनारे-किनारे लाया जा रहा है। यह परियोजना मूल रूप से वर्ष 2025 तक पूरी होनी थी, लेकिन विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने में देरी और बाढ़ जैसी परिस्थितियों के कारण कार्य लगभग एक वर्ष पीछे चला गया। घर-घर पीएनजी कनेक्शन कराना लक्ष्य शहर में घर-घर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी Indian Oil Corporation को दी गई है। कंपनी के जीआई इंचार्ज विकास कुमार टोला के अनुसार, सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होने पर दिसंबर 2027 तक भागलपुर के लोगों को पीएनजी की सुविधा मिलने लगेगी। परियोजना के तहत साहेबगंज में भूतनाथ मंदिर के पास और गोराडीह में डिस्ट्रिक्ट रेगुलेटरी स्टेशन बनाए जाएंगे, जहां से शहर में गैस आपूर्ति नियंत्रित की जाएगी। घरों तक गैस की आपूर्ति एमडीपीई पाइप के माध्यम से दी जाएगी। इसके लिए शहर के 51 वार्डों में सर्वे कराया जाएगा, जिसमें गलियों की चौड़ाई और पाइपलाइन बिछाने की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। मुंगेर और लखीसराय जिले के करीब सात हजार घरों तक पहुंच चुकी पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) अब भागलपुर जिले के बॉर्डर पर आ गई है। मुंगेर से बिछाई जा रही गैस पाइपलाइन बरियारपुर तक पहुंच चुकी है। यह सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम से करीब 18 किलोमीटर दूर है। परियोजना पूरी होने के बाद भागलपुर शहर के लोगों को रसोई गैस सिलेंडर की झंझट से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। 350 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत वर्ष 2027 के अंत तक भागलपुर में पीएनजी आपूर्ति शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। दो चरणों में बिछाई जा रही पाइपलाइन मुंगेर से भागलपुर तक गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में मुंगेर के तेलिया तालाब से अजगैवीनाथ धाम तक लगभग 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इस हिस्से में कार्य तेजी से चल रहा है और बरियारपुर तक करीब साढ़े छह किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। पाइपलाइन निर्माण में 12 इंच व्यास वाले स्टील पाइप का उपयोग किया जा रहा है। दूसरे चरण में सुल्तानगंज से भागलपुर शहर तक पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस चरण का काम अगले माह से शुरू होने की संभावना है। ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क किनारे पाइप बिछा रहे जानकारी के अनुसार, पाइपलाइन को लखीसराय से ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क के किनारे-किनारे लाया जा रहा है। यह परियोजना मूल रूप से वर्ष 2025 तक पूरी होनी थी, लेकिन विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने में देरी और बाढ़ जैसी परिस्थितियों के कारण कार्य लगभग एक वर्ष पीछे चला गया। घर-घर पीएनजी कनेक्शन कराना लक्ष्य शहर में घर-घर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी Indian Oil Corporation को दी गई है। कंपनी के जीआई इंचार्ज विकास कुमार टोला के अनुसार, सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होने पर दिसंबर 2027 तक भागलपुर के लोगों को पीएनजी की सुविधा मिलने लगेगी। परियोजना के तहत साहेबगंज में भूतनाथ मंदिर के पास और गोराडीह में डिस्ट्रिक्ट रेगुलेटरी स्टेशन बनाए जाएंगे, जहां से शहर में गैस आपूर्ति नियंत्रित की जाएगी। घरों तक गैस की आपूर्ति एमडीपीई पाइप के माध्यम से दी जाएगी। इसके लिए शहर के 51 वार्डों में सर्वे कराया जाएगा, जिसमें गलियों की चौड़ाई और पाइपलाइन बिछाने की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *