वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एडवांस टैक्स की चौथी और अंतिम किस्त जमा करने की अंतिम तिथि 15 मार्च है। जिन करदाताओं की वार्षिक कर देनदारी 10 हजार रुपए से अधिक बनती है, उन्हें आयकर विभाग के नियमों के अनुसार एडवांस टैक्स का भुगतान किस्तों में करना होता है। यदि अंतिम तिथि तक कर जमा नहीं किया जाता है तो आयकर अधिनियम की धारा 234बी और 234सी के तहत लगभग एक प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज देना पड़ सकता है।
सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल के सचिव सीए निर्भीक गांधी ने बताया कि फ्रीलांसर, व्यवसायी, प्रोफेशनल, किराया आय प्राप्त करने वाले तथा शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड से आय अर्जित करने वाले करदाताओं को विशेष रूप से इस तिथि का ध्यान रखना चाहिए। अंतिम किस्त में करदाता को पूरे वर्ष की अनुमानित आय के अनुसार शेष एडवांस टैक्स का भुगतान करना होता है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में कई करदाताओं को एडवांस टैक्स ई-कैम्पेन के तहत सिग्निफिकेंट ट्रांजैक्शंस से संबंधित ई-मेल प्राप्त हुए थे। इनमें कुछ मामलों में गलत या अपूर्ण जानकारी होने की बात सामने आई है। इस संबंध में आयकर विभाग ने बताया है कि फिलहाल उन ई-मेल को नजरअंदाज करें और निर्धारित तारीख पर अपने टैक्स जमा कराएं। गांधी ने करदाताओं से अपील की है कि यदि उनकी आय के आधार पर एडवांस टैक्स देनदारी बनती है तो वे समय रहते कर का भुगतान कर दें, ताकि अतिरिक्त ब्याज और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।


