युवक की मौत के बाद मामरे भाई ने दम तोड़ा:झांसी में 16 दिन पहले बेकाबू कार ने उड़ाया था, 2 मौत से घर में मातम छाया

युवक की मौत के बाद मामरे भाई ने दम तोड़ा:झांसी में 16 दिन पहले बेकाबू कार ने उड़ाया था, 2 मौत से घर में मातम छाया

झांसी में सड़क हादसे में युवक की मौत के 16 दिन बाद घायल मामेरे भाई ने भी दम तोड़ दिया। 25 फरवरी को दोनों बाइक से जा रहे थे। तभी तेज गति में आ रही कार ने एक गाड़ी को ओवरटेक करते हुए बाइक को उड़ा दिया था। दोनों युवक 10 फीट ऊपर उछलकर सड़क पर गिर गए। पुलिस ने दोनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। जहां लक्ष्मण अहिरवार की मौत हो गई थी। जबकि मामेरा भाई दिवाकर अहिरवार का इलाज चल रहा था। शनिवार रात को दिवाकर ने भी दम तोड़ दिया। हादसे का सीसीटीवी वीडियो सामने आया था। मगर 16 दिन होने के बावजूद पुलिस कार और आरोपी ड्राइवर का पता नहीं लगा पाई। पूरा मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के बूढ़ा गांव के पास का है।
अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए बाइक से निकले थे दोनों युवक सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के बूढ़ा गांव निवासी लक्ष्मण अहिरवार (40) पुत्र धन्नू अहिरवार 25 फरवरी की रात करीब 9:30 बजे बाइक से जा रहे थे। बाइक पर उसके साथ मामेरे भाई शिवपुरी के अलगी गांव निवासी दिवाकर अहिरवार (24) भी था। घर से लगभग 500 मीटर दूर पहुंचे तो सामने से आ रही काले रंग की कार ने एक गाड़ी को ओवरटेक करते समय बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद आसपास के लोग एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लोगों की मदद से दोनों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां पर लक्ष्मण ने दम तोड़ दिया। दिवाकर को भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर चाचाा कामता प्रसाद समेत परिजन अस्पताल पहुंच गए। उनका रो रोकर बुरा हाल है। दिवाकर तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उससे छोटी एक बहन है। दिवाकर अविवाहित था। चाचा कामता प्रसाद ने कहा- एक्सीडेंट को 16 दिन हो गए। लेकिन पुलिस अब तक कार और ड्राइवर का पता नहीं लगा पाई है। पहले मारपीट हो गई थी लक्ष्मण की बहन फूलवती ने बताया था- लक्ष्मण के पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। तीन भाइयों में लक्ष्मण सबसे छोटा था। बड़े भाई लखन 25 साल से लापता है। मंझले भाई फूलसिंह की शादी हो चुकी थी। लेकिन 3 साल पहले उसकी मौत हो गई। इसके बाद बहू गांव के एक व्यक्ति के साथ रहने लगी। लक्ष्मण की पत्नी पुष्पा की 2 साल पहले मौत हो गई थी। उनका कोई बच्चा नहीं था। लक्ष्मण की भाभी फोन कर उसे पार्टी के लिए बुला रही थी। 25 फरवरी को लक्ष्मण अपने मामेरे भाई दिवाकर के साथ पहुंच गया। भाभी ने मीट बनाया और सबने शराब पी। विवाद होने पर दोनों को बुरी तरह पीटा गया। तब पुलिस को भी बुला था। पुलिस समझाकर चली गई। इसके बाद लक्ष्मण और दिवाकर बाइक से जा रहे थे। रास्ते में एक्सीडेंट हो गया।

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