‘पूरे बिहार में यही पुकार निशांत कुमार.. निशांत कुमार।’ यह नारा जदयू ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। बात सिर्फ नारे बाजी और छवि चमकाने की नहीं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जा रहे हैं। बिहार का अगला सीएम कौन होगा? इसकी घोषणा नहीं हुई है। जदयू की कोशिश है कि सीएम पद उसके पास रहे। इसके लिए निशांत कुमार को अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया जा रहा है। निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जदयू में किस तरह की तैयारी है? युवा विधायकों की खास टीम क्या कर रही है? विधायक दल की बैठक में क्या होगा? पढ़िए खास रिपोर्ट…। नीतीश के सामने लगे निशांत को सीएम बनाने के नारे सीएम नीतीश कुमार शनिवार को बेगूसराय पहुंचे। उनके साथ डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी भी थे। हेलीपैड पर बड़ी संख्या में लोग नीतीश का स्वागत करने आए थे। विजय सिन्हा CM से चंद कदम आगे चल रहे थे। वहीं, सम्राट चौधरी साथ थे। नीतीश पास आए तो कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। वे ‘बिहार का सीएम कैसा हो.., निशांत कुमार जैसा हो..’ के नारे लगाने लगे। नीतीश ने नारे लगा रहे लोगों को देखा और हाथ जोड़ लिए। उनके चेहरे पर लंबी मुस्कान नजर आई। नीतीश हाथ जोड़ हुए नारेबाजी कर रहे लोगों के सामने से गुजरे। जदयू में ‘टीम निशांत’ एक्टिव, तैयार की सीएम चेहरा बनाने की रणनीति
जदयू में निशांत कुमार की एंट्री के साथ ही 24 से अधिक विधायकों की ‘टीम निशांत’ की गुप्त बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री के बेटे निशांत को सीएम चेहरा बनाने की रणनीति बनी। तय हुआ कि जदयू विधायक दल की बैठक में उनका नाम प्रस्तावित किया जाएगा। साथ ही निशांत कहां जाएंगे, क्या-क्या मुद्दा उठाएंगे और किन जिलों से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे, यह सब इन विधायकों ने मिलकर तय किया। जदयू में बढ़ी राजनीतिक हलचल निशांत कुमार के पार्टी में सक्रिय होने के बाद जदयू के अंदर नई राजनीतिक हलचल दिख रही है। कई विधायक खुले तौर पर उन्हें पार्टी और बिहार सरकार का नेतृत्व सौंपने की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में हुई इस बैठक में विधायकों ने न सिर्फ राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की, बल्कि संगठन को मजबूत करने और जनसंपर्क कार्यक्रमों को लेकर भी विचार-विमर्श किया। चेतन आनंद बोले- पूरी लीडरशिप निशांत को मिले विधायक चेतन आनंद ने कहा, ‘हम लोग चाहते हैं कि पार्टी की पूरी लीडरशिप निशांत कुमार के हाथ में आए। बिहार की भी पूरी लीडरशिप निशांत को मिले। वह मुख्यमंत्री बनें। तमाम युवाओं की यह मांग है।’ उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ी बात है कि 20 साल से सत्ता उनके पिता और हमारे गार्जियन नीतीश कुमार के पास है। इसके बाद भी उनपर एक भी दाग नहीं है। हम लोग चाहते हैं कि ऐसे व्यक्ति ही अब बिहार का नेतृत्व करें।’
परिवारवाद के आरोप पर दिया जवाब विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे परिवारवाद के आरोपों पर आनंद ने कहा, ‘परिवारवाद क्या होता है कि जब कोई व्यक्ति राजनीति में रहते हुए अपने बेटे को जनता के ऊपर थोप दे। अपने पिता के काम और उनकी नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए निशांत आगे आए हैं। इसलिए यह परिवारवाद नहीं, बल्कि संघर्षवाद है।’ विधायक दल की बैठक में सीएम के लिए नाम प्रस्तावित होगा विधायक विशाल कुमार ने कहा, ‘विधायक दल की बैठक में हम लोग मुख्यमंत्री के रूप में निशांत कुमार का नाम प्रपोज करेंगे। उनके पार्टी में आने से जदयू के कार्यकर्ता उत्साहित हैं। आने वाले 25 से 30 साल में निशांत मुख्यमंत्री के काम को संभालें और विकास की उसी गति को आगे बढ़ाएं, जिसकी शुरुआत नीतीश कुमार ने की है।’ शुभानंद मुकेश बोले- निशांत के आने से नई ऊर्जा
जदयू विधायक शुभानंद मुकेश ने कहा, ‘नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से हम लोग नाराज नहीं थे। हमारे अभिभावक नए रोल में जा रहे हैं। इससे दुख तो है, लेकिन अब निशांत के पार्टी में आने से हमें फिर से नई ऊर्जा मिली है। आने वाले दिनों में निशांत पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।’ रूहेल रंजन बोले- पार्टी को मिलेगी नई दिशा इस्लामपुर के विधायक रूहेल रंजन ने कहा, ‘निशांत के आने से पार्टी मजबूत होगी। हमें नई ऊर्जा, नई सोच और नई दिशा मिलेगी। पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी उनके आने को लेकर काफी उत्साह है।’ ‘नीतीश कुमार 2.0’ की जरूरत: ऋतुराज कुमार विधायक ऋतुराज कुमार ने कहा, ‘जब निशांत यात्रा पर निकलेंगे तो उनकी रणनीति यही होगी कि वह कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, लोगों से मिलेंगे और जनता की समस्याओं को सुनेंगे। जो काम काफी समय से रुके हुए हैं, उन्हें पूरा करने का प्रयास करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘नीतीश ने बिहार में पिछले 20 सालों में काफी काम किया है। उनके बाद वही व्यक्ति नेतृत्व कर सकता है जिसे उनका मार्गदर्शन लंबे समय से मिला हो, इसलिए हमें नीतीश कुमार 2.0 (मतलब निशांत कुमार) चाहिए। विधायकों से क्षेत्र की समस्याएं भी जानीं जदयू विधायक समृद्ध वर्मा ने कहा, ‘निशांत ने हम विधायकों के साथ मीटिंग की है। उन्होंने जाना है कि हम जिन क्षेत्रों से आते हैं। वहां की जनता की क्या समस्याएं हैं। उन्हें किन-किन चीजों की जरूरत है।’ आप में ही दिखती है नीतीश कुमार की परछाई बैठक में मौजूद एक अन्य विधायक ने कहा कि निशांत राजनीति में आने के लिए थोड़ा समय लेना चाहते थे, लेकिन हम लोगों ने उनसे कहा कि अभी ही उनके आने का सही समय है। आप में ही नीतीश कुमार की परछाई दिखाई देती है। बिहार का जो सपना विकसित राज्य बनने का है, उसे आप ही आगे बढ़ाकर पूरा कर सकते हैं। निशांत ने पार्टी जॉइन कर कहा- पिताजी का काम आगे बढ़ाऊंगा निशांत कुमार ने 8 मार्च को JDU की सदस्यता ली। कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। ललन सिंह ने उन्हें पार्टी का गमछा पहनाया। कार्यक्रम में नीतीश शामिल नहीं थे। पार्टी की सदस्यता लेने के बाद निशांत ने ललन सिंह और संजय झा के पैर छुए थे। निशांत ने कहा, ‘मैं पार्टी के लिए मेहनत से काम करूंगा। मेरे पिताजी ने 20 साल में जो काम किए हैं, उन्हें आगे बढ़ाऊंगा। राज्यसभा जाने का फैसला मेरे पिताजी का है। बिहार की जनता और देश की जनता से अपील करता हूं कि पिताजी पर विश्वास बनाए रखें।’ इससे पहले निशांत में अपने पिता नीतीश की स्टाइल में हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया। वे सफेद कुर्ता और क्रॉक्स चप्पल में पहुंचे। इस दौरान नीतीश कुमार और निशांत कुमार जिंदाबाद के नारे लगते रहे। बिहार की CM कैसा हो निशांत कुमार जैसा हो के भी नारे लगे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता ललन सिंह जिंदाबाद के नारे लगाने लगे थे। ‘पूरे बिहार में यही पुकार निशांत कुमार.. निशांत कुमार।’ यह नारा जदयू ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। बात सिर्फ नारे बाजी और छवि चमकाने की नहीं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जा रहे हैं। बिहार का अगला सीएम कौन होगा? इसकी घोषणा नहीं हुई है। जदयू की कोशिश है कि सीएम पद उसके पास रहे। इसके लिए निशांत कुमार को अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया जा रहा है। निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जदयू में किस तरह की तैयारी है? युवा विधायकों की खास टीम क्या कर रही है? विधायक दल की बैठक में क्या होगा? पढ़िए खास रिपोर्ट…। नीतीश के सामने लगे निशांत को सीएम बनाने के नारे सीएम नीतीश कुमार शनिवार को बेगूसराय पहुंचे। उनके साथ डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी भी थे। हेलीपैड पर बड़ी संख्या में लोग नीतीश का स्वागत करने आए थे। विजय सिन्हा CM से चंद कदम आगे चल रहे थे। वहीं, सम्राट चौधरी साथ थे। नीतीश पास आए तो कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। वे ‘बिहार का सीएम कैसा हो.., निशांत कुमार जैसा हो..’ के नारे लगाने लगे। नीतीश ने नारे लगा रहे लोगों को देखा और हाथ जोड़ लिए। उनके चेहरे पर लंबी मुस्कान नजर आई। नीतीश हाथ जोड़ हुए नारेबाजी कर रहे लोगों के सामने से गुजरे। जदयू में ‘टीम निशांत’ एक्टिव, तैयार की सीएम चेहरा बनाने की रणनीति
जदयू में निशांत कुमार की एंट्री के साथ ही 24 से अधिक विधायकों की ‘टीम निशांत’ की गुप्त बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री के बेटे निशांत को सीएम चेहरा बनाने की रणनीति बनी। तय हुआ कि जदयू विधायक दल की बैठक में उनका नाम प्रस्तावित किया जाएगा। साथ ही निशांत कहां जाएंगे, क्या-क्या मुद्दा उठाएंगे और किन जिलों से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे, यह सब इन विधायकों ने मिलकर तय किया। जदयू में बढ़ी राजनीतिक हलचल निशांत कुमार के पार्टी में सक्रिय होने के बाद जदयू के अंदर नई राजनीतिक हलचल दिख रही है। कई विधायक खुले तौर पर उन्हें पार्टी और बिहार सरकार का नेतृत्व सौंपने की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में हुई इस बैठक में विधायकों ने न सिर्फ राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की, बल्कि संगठन को मजबूत करने और जनसंपर्क कार्यक्रमों को लेकर भी विचार-विमर्श किया। चेतन आनंद बोले- पूरी लीडरशिप निशांत को मिले विधायक चेतन आनंद ने कहा, ‘हम लोग चाहते हैं कि पार्टी की पूरी लीडरशिप निशांत कुमार के हाथ में आए। बिहार की भी पूरी लीडरशिप निशांत को मिले। वह मुख्यमंत्री बनें। तमाम युवाओं की यह मांग है।’ उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ी बात है कि 20 साल से सत्ता उनके पिता और हमारे गार्जियन नीतीश कुमार के पास है। इसके बाद भी उनपर एक भी दाग नहीं है। हम लोग चाहते हैं कि ऐसे व्यक्ति ही अब बिहार का नेतृत्व करें।’
परिवारवाद के आरोप पर दिया जवाब विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे परिवारवाद के आरोपों पर आनंद ने कहा, ‘परिवारवाद क्या होता है कि जब कोई व्यक्ति राजनीति में रहते हुए अपने बेटे को जनता के ऊपर थोप दे। अपने पिता के काम और उनकी नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए निशांत आगे आए हैं। इसलिए यह परिवारवाद नहीं, बल्कि संघर्षवाद है।’ विधायक दल की बैठक में सीएम के लिए नाम प्रस्तावित होगा विधायक विशाल कुमार ने कहा, ‘विधायक दल की बैठक में हम लोग मुख्यमंत्री के रूप में निशांत कुमार का नाम प्रपोज करेंगे। उनके पार्टी में आने से जदयू के कार्यकर्ता उत्साहित हैं। आने वाले 25 से 30 साल में निशांत मुख्यमंत्री के काम को संभालें और विकास की उसी गति को आगे बढ़ाएं, जिसकी शुरुआत नीतीश कुमार ने की है।’ शुभानंद मुकेश बोले- निशांत के आने से नई ऊर्जा
जदयू विधायक शुभानंद मुकेश ने कहा, ‘नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से हम लोग नाराज नहीं थे। हमारे अभिभावक नए रोल में जा रहे हैं। इससे दुख तो है, लेकिन अब निशांत के पार्टी में आने से हमें फिर से नई ऊर्जा मिली है। आने वाले दिनों में निशांत पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।’ रूहेल रंजन बोले- पार्टी को मिलेगी नई दिशा इस्लामपुर के विधायक रूहेल रंजन ने कहा, ‘निशांत के आने से पार्टी मजबूत होगी। हमें नई ऊर्जा, नई सोच और नई दिशा मिलेगी। पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी उनके आने को लेकर काफी उत्साह है।’ ‘नीतीश कुमार 2.0’ की जरूरत: ऋतुराज कुमार विधायक ऋतुराज कुमार ने कहा, ‘जब निशांत यात्रा पर निकलेंगे तो उनकी रणनीति यही होगी कि वह कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, लोगों से मिलेंगे और जनता की समस्याओं को सुनेंगे। जो काम काफी समय से रुके हुए हैं, उन्हें पूरा करने का प्रयास करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘नीतीश ने बिहार में पिछले 20 सालों में काफी काम किया है। उनके बाद वही व्यक्ति नेतृत्व कर सकता है जिसे उनका मार्गदर्शन लंबे समय से मिला हो, इसलिए हमें नीतीश कुमार 2.0 (मतलब निशांत कुमार) चाहिए। विधायकों से क्षेत्र की समस्याएं भी जानीं जदयू विधायक समृद्ध वर्मा ने कहा, ‘निशांत ने हम विधायकों के साथ मीटिंग की है। उन्होंने जाना है कि हम जिन क्षेत्रों से आते हैं। वहां की जनता की क्या समस्याएं हैं। उन्हें किन-किन चीजों की जरूरत है।’ आप में ही दिखती है नीतीश कुमार की परछाई बैठक में मौजूद एक अन्य विधायक ने कहा कि निशांत राजनीति में आने के लिए थोड़ा समय लेना चाहते थे, लेकिन हम लोगों ने उनसे कहा कि अभी ही उनके आने का सही समय है। आप में ही नीतीश कुमार की परछाई दिखाई देती है। बिहार का जो सपना विकसित राज्य बनने का है, उसे आप ही आगे बढ़ाकर पूरा कर सकते हैं। निशांत ने पार्टी जॉइन कर कहा- पिताजी का काम आगे बढ़ाऊंगा निशांत कुमार ने 8 मार्च को JDU की सदस्यता ली। कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। ललन सिंह ने उन्हें पार्टी का गमछा पहनाया। कार्यक्रम में नीतीश शामिल नहीं थे। पार्टी की सदस्यता लेने के बाद निशांत ने ललन सिंह और संजय झा के पैर छुए थे। निशांत ने कहा, ‘मैं पार्टी के लिए मेहनत से काम करूंगा। मेरे पिताजी ने 20 साल में जो काम किए हैं, उन्हें आगे बढ़ाऊंगा। राज्यसभा जाने का फैसला मेरे पिताजी का है। बिहार की जनता और देश की जनता से अपील करता हूं कि पिताजी पर विश्वास बनाए रखें।’ इससे पहले निशांत में अपने पिता नीतीश की स्टाइल में हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया। वे सफेद कुर्ता और क्रॉक्स चप्पल में पहुंचे। इस दौरान नीतीश कुमार और निशांत कुमार जिंदाबाद के नारे लगते रहे। बिहार की CM कैसा हो निशांत कुमार जैसा हो के भी नारे लगे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता ललन सिंह जिंदाबाद के नारे लगाने लगे थे।


