चित्रकूट जिले में खनन और क्रशर कारोबार से जुड़े कारोबारी एमपी जायसवाल के विभिन्न ठिकानों पर शुक्रवार शाम जीएसटी विभाग की टीम ने छापेमारी की। यह कार्रवाई बेड़ी पुलिया स्थित उनके आवास, भरतकूप में संचालित क्रशर मशीन और गोड़ा पहाड़ स्थित पत्थर खदान पर एक साथ की गई। पांच वाहनों से पहुंची टीम ने करीब सात घंटे तक दस्तावेजों की गहन जांच-पड़ताल की। इस दौरान टीम कई महत्वपूर्ण अभिलेख अपने साथ ले गई। जांच के दौरान, टीम ने खदान से पत्थर निकालने, क्रशरिंग प्रक्रिया और बाजार में बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। कारोबारी के आवास से लगभग 1.60 लाख रुपये नकद भी मिले, जिसे प्रारंभिक जांच में जब्त नहीं किया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस नकदी के स्रोत और लेखा विवरण का मिलान किया जाएगा। बांदा के डिप्टी कमिश्नर अवध कुमार पटेल ने बताया कि एमपी जायसवाल की फर्म खनन कार्य से जुड़ी है। खनिज विभाग में जमा होने वाली रॉयल्टी के आधार पर करीब 21 लाख रुपये का जीएसटी बकाया होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों का मिलान करने के बाद वास्तविक देनदारी का आकलन किया जाएगा। जांच टीम में वाणिज्यकर अधिकारी सुमित कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर नदीम खान और जुबेर अहमद सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, खनिज विभाग में जमा की जाने वाली रॉयल्टी पर 18 प्रतिशत जीएसटी देय होता है। यह राशि लंबे समय से जमा नहीं की गई थी। छापेमारी के बाद, कारोबारी एमपी जायसवाल ने विभाग को शीघ्र बकाया जीएसटी जमा कराने का आश्वासन दिया है। एमपी जायसवाल पिछले लगभग 15 वर्षों से जिले में ग्रेनाइट और क्रशर कारोबार से जुड़े हुए हैं। इस विभागीय कार्रवाई के बाद खनन क्षेत्र से जुड़े अन्य कारोबारियों में भी हलचल देखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


