Iran Israel War: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से जुड़ी एक दिलचस्प और बात सामने आई है। एक मीडिया प्रोग्राम के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बताया कि खामेनेई ने कई बार सलाह दिए जाने के बावजूद तेहरान स्थित अपने घर को छोड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर जाने से साफ मना कर दिया था। इलाही के मुताबिक उस समय क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ था। तेहरान, वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच हालात लगातार बिगड़ रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों को चिंता थी कि ऐसे माहौल में ईरान के सर्वोच्च नेता को किसी सुरक्षित जगह पर ले जाना बेहतर होगा। लेकिन खामेनेई ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया।
Ayatollah Ali Khamenei: जनता सुरक्षित होगी तो ही मैं जाऊंगा- खामेनेई
इलाही ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों से पूछा था कि आखिर खामेनेई को किसी सुरक्षित शहर या जगह पर क्यों नहीं ले जाया जा रहा, जबकि उनका घर और दफ्तर सबको पता है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि खुद खामेनेई ने ही ऐसा करने से मना कर दिया है। उनका साफ कहना था कि अगर तेहरान के करोड़ों लोगों के लिए सुरक्षित शेल्टर की व्यवस्था हो सकती है, तभी वह अपने लिए भी ऐसी व्यवस्था स्वीकार करेंगे। उनके मुताबिक एक नेता को जनता से अलग या ज्यादा सुरक्षित जीवन नहीं जीना चाहिए।
Iran Israel War: अपने लिए बंकर बनवाने से भी किया इनकार
इलाही ने आगे बताया कि उन्होंने सुरक्षा टीम को सुझाव दिया था कि अगर खामेनेई किसी दूसरे शहर नहीं जाना चाहते, तो कम से कम उनके घर के नीचे एक मजबूत बंकर बना दिया जाए ताकि किसी भी खतरे की स्थिति में सुरक्षा मिल सके। लेकिन इस प्रस्ताव को भी खामेनेई ने मंजूरी नहीं दी। उनका कहना था कि अगर पूरे देश के लोगों के लिए बंकर बनाए जा सकते हैं, तभी वह अपने लिए भी ऐसा इंतजाम करने देंगे। वरना नहीं।


