संभल में पवित्र रमजान माह के दौरान मोहल्ला कटरा मूसा खां स्थित मस्जिद में तरावीह की नमाज के बीच कुरान-ए-पाक मुकम्मल हो गया। इस अवसर पर नमाजियों ने देश और समाज में अमन-चैन तथा खुशहाली के लिए विशेष दुआ की। शनिवार को आयोजित तरावीह की नमाज में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। रमजान के मुकद्दस महीने में हर साल तरावीह की 20 रकअत नमाज के दौरान पूरा कुरान-ए-पाक सुनाया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी मस्जिद में तरावीह की नमाज अदा की जा रही थी, जिसमें हाफिज वसीम ने कुरान-ए-पाक सुनाया। शनिवार को तरावीह की नमाज के दौरान कुरान-ए-पाक मुकम्मल होने पर नमाजियों ने अल्लाह का शुक्र अदा किया। इस मौके पर देश की तरक्की, भाईचारे और अमन-शांति के लिए दुआ मांगी गई। मौलाना जाबिर ने रमजान और कुरान की फजीलत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रमजान का महीना रहमतों और बरकतों का महीना है। उन्होंने बताया कि इस महीने में मुसलमान ज्यादा से ज्यादा इबादत, तिलावत और नेक कामों में हिस्सा लेते हैं।
मौलाना जाबिर ने आगे कहा कि कुरान इंसानियत को सही रास्ता दिखाने वाली किताब है। इसके बताए रास्ते पर चलकर समाज में शांति और भाईचारा कायम किया जा सकता है। समाजसेवी सईद अख्तर ने बताया कि रमजान का महीना इंसान को जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस पाक महीने में गरीबों और जरूरतमंदों की मदद अवश्य करनी चाहिए। सईद अख्तर ने यह भी कहा कि हर सक्षम व्यक्ति को खैरात, जकात और फितरा निकालकर समाज के कमजोर वर्ग की सहायता करनी चाहिए। इससे सभी लोग रमजान और ईद की खुशियों में बराबर के सहभागी बन सकेंगे। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक दुआ की गई, जिसमें देश में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर हाफिज ओसामा, हाजी नफीस, हाजी जफर, हाजी खुर्शीद, इकराम कुरैशी, कदीर अहमद, रईस अहमद, मास्टर रफीक, जुनैद सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।


